अमेरिका में दीपावली की धूम: कैलिफोर्निया असेंबली ने पास किया प्रस्ताव; 8 नवंबर को होगा दिवाली डे

कैलिफोर्निया स्टेट असेंबली ने 8 नवंबर 2026 को दिवाली दिवस के रूप में मान्यता दी है. विधानसभा ने भारतीय और दक्षिण एशियाई समुदायों के सम्मान में लोगों से जश्न में शामिल होने की अपील की है.

Diwali Day: अमेरिका के कैलिफोर्निया में भारतीयों और दक्षिण एशियाई समुदाय के लिए इस बार दिवाली और भी खास होने जा रही है. कैलिफोर्निया स्टेट असेंबली ने 8 नवंबर 2026 को 'दिवाली दिवस' के तौर पर मान्यता देने वाला प्रस्ताव गुरुवार को पारित कर दिया और राज्य के लोगों से इस रोशनी के त्योहार में शामिल होने की अपील की. यह प्रस्ताव असेंबली सदस्यों दर्शना पटेल और ऐश कलरा ने पेश किया था. इसमें कैलिफोर्निया के साथ-साथ दुनियाभर में रहने वाले भारतीय-अमेरिकियों और भारतीय प्रवासियों के प्रति 'गहरा सम्मान' व्यक्त किया गया.ॉ

प्रस्ताव में कहा गया कि विधानसभा 'रविवार, 8 नवंबर 2026 को मनाए जाने वाले इस साल के दिवाली उत्सव को मान्यता देती है और कैलिफोर्निया के लोगों को इस खुशी के दिन के उत्सव में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करती है.' इस फैसले के साथ कैलिफोर्निया स्टेट असेंबली ने इस साल की दिवाली को औपचारिक रूप से मान्यता दे दी है.

हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समुदायों का त्योहार

प्रस्ताव में कहा गया कि दिवाली भारतीय-अमेरिकी और दक्षिण एशियाई-अमेरिकी समुदायों के लिए बेहद महत्वपूर्ण पर्व है. अमेरिका और दुनिया के कई हिस्सों में इसे हर साल हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समुदाय मनाते हैं. विधानसभा के प्रस्ताव में दिवाली को 'दीपावली' भी कहा गया है, जिसका अर्थ 'दीयों की कतार' बताया गया. इसमें इसे दुनिया के सबसे पुराने त्योहारों में से एक बताया गया, जो परिवारों, दोस्तों और समुदायों को एक साथ लाता है. प्रस्ताव के मुताबिक दिवाली उदारता, एकता, खुशी, कृतज्ञता और आत्मचिंतन का संदेश देती है.

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रोशनी, दीये और आतिशबाजी से सजता है त्योहार

प्रस्ताव में दिवाली को 'फेस्टिवल ऑफ लाइट्स' यानी रोशनी का त्योहार कहा गया है. इस दौरान घरों को मोमबत्तियों, तेल के दीयों और मिट्टी के दीपकों से सजाया जाता है, जबकि आसमान आतिशबाजी से रोशन होता है. प्रस्ताव में कहा गया, 'दिवाली, जिसे आम तौर पर रोशनी का त्योहार कहा जाता है, वह समय है जब घरों को मोमबत्तियों, तेल के लालटेन और मिट्टी के दीयों से रोशन किया जाता है और स्वास्थ्य, धन, ज्ञान, शांति और समृद्धि के प्रति सम्मान जताने के लिए आसमान आतिशबाजी से भर जाता है.'

बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश

कैलिफोर्निया असेंबली ने यह भी रेखांकित किया कि अलग-अलग समुदाय दिवाली को अलग तरीकों से मनाते हैं, लेकिन इसके मूल संदेश में अच्छाई की बुराई पर जीत शामिल है. इस त्योहार को नकारात्मकता से मुक्ति, मुश्किलों से लड़ने की ताकत, सकारात्मक सोच और विनम्रता अपनाने तथा व्यक्तिगत चुनौतियों के बावजूद दयालु बने रहने से भी जोड़ा गया है. प्रस्ताव में कहा गया, 'जो लोग दिवाली मनाते हैं, उनके लिए यह ज्ञान, विकास और खुशी के प्रति संकल्प लेने का समय है. यह आत्मचिंतन का अवसर है और ज्ञान, दयालुता तथा बदलाव के महत्व को दर्शाता है.'

अमेरिका कई राज्यों में दिवाली की धूम

अमेरिका में भारतीय त्योहारों, विशेषकर दीपावाली, को लगातार व्यापक मान्यता मिल रही है. कैलिफोर्निया के अलावा इसी साल नेब्रास्का भी उन राज्यों में शामिल हो गया है, जहाँ दीवाली को आधिकारिक मान्यता देने वाला प्रस्ताव पास किया गया है. पेंसिल्वेनिया ने दीपावाली को आधिकारिक राज्य अवकाश का दर्जा देने की पहल सबसे पहले की थी. इसके बाद कैलिफोर्निया और कनेक्टिकट ने 2025 से दीपावाली के अवसर पर राजकीय अवकाश घोषित किया.

न्यूयॉर्क में भी दीपावाली को महत्वपूर्ण स्थान मिला है, जहाँ न्यूयॉर्क सिटी के सभी पब्लिक स्कूलों में इस दिन आधिकारिक छुट्टी रहती है. टेक्सास में भी दीपावाली को सरकारी स्तर पर मान्यता प्राप्त है। इसके अतिरिक्त, न्यू जर्सी के कुछ स्कूलों तथा वर्जीनिया के फेयरफैक्स काउंटी में भी दीपावाली के दिन विद्यालय बंद रखे जाते हैं. अमेरिका के अलग-अलग राज्यों और स्थानीय प्रशासन में भारतीय पर्वों को मान्यता मिलना वहां के बहुसांस्कृतिक सामाजिक ढांचे में भारतीय समुदाय की बढ़ती उपस्थिति और सांस्कृतिक प्रभाव को साफ दिखा रही है.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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