पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान को खुलेआम फांसी देने की मांग, रिहा करने वाले जज को हटाने की तैयारी

इमरान खान की रिहाई से पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार नाराज हो गयी है. शहबाज सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी सवाल उठाया. संघीय कैबिनेट की बैठक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पाकिस्तान में इमरजेंसी घोषित करने की मांग की गयी है. शहबाज ने कहा था, इमरान खान और उनके लोगों ने कानून की धज्जियां उड़ा दीं.

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को खुलेआम फांसी देने की मांग हो रही है. यह मांग संसद में की गयी है. संसद में राजा रियाज अहमद खान ने इमरान खान मामले में चर्चा के दौरान कहा कि उन्होंने दुनियाभर में पाकिस्तान का नाम खराब किया है. इसलिए ऐसे शख्स को खुलेआम फांसी की सजा दी जानी चाहिए.

इमरान खान की रिहाई से पाक सरकार खफा, रिहा करने वाले जज को हटाने की मांग

इमरान खान की रिहाई से पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार नाराज हो गयी है. शहबाज सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी सवाल उठाया. संघीय कैबिनेट की बैठक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पाकिस्तान में इमरजेंसी घोषित करने की मांग की गयी है. इधर इमरान खान को रिहा करने वाले जज को हटाने की भी तैयारी चल रही है. इस संबंध में नेशनल असेंबली में एक प्रस्ताव भी पारित किया गया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के जजों के खिलाफ संदर्भ तैयार करने के लिए पांच सदस्यीय समिति के गठन की मांग की गयी है. शहबाज ने कहा था, इमरान खान और उनके लोगों ने कानून की धज्जियां उड़ा दीं हैं. सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है. इधर खबर है कि ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर पाक प्रधानमंत्री शहबाज ने आपात बैठक बुलाई है.

न्यायपालिका के खिलाफ प्रदर्शन

पाकिस्तान के सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल एक इस्लामी दल ने कई मामलों में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को कथित रूप से राहत देने को लेकर न्यायपालिका के खिलाफ प्रदर्शन किया. जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों समेत कई प्रदर्शनकारियों ने देश की राजधानी में धारा 144 लागू होने के बावजूद ‘रेड जोन’ (वर्जित क्षेत्र) में प्रवेश किया.

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सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताया और तत्काल रिहाई का आदेश दिया

गौरतलब है कि पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताया और उन्हें जमानत दे दी. खान (70) को इस्लामाबाद हाईकोर्ट परिसर से गिरफ्तार किया गया था और उन्हें अल-कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में आठ दिन के लिए राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) की हिरासत में भेज दिया था.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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