तो क्या मिल गयी कोरोना की दवा ? अमेरिकी बायोटेक कंपनी ने की खोज, जापान ने भी दी इजाजत

लॉस एंजिलिस : अमेरिका में एक ऐसे दवा की खोज की गयी जिससे कोविड 19 के मरीजों में सुधार देखा जा रहा है. इस दवा के इस्तेमाल की इजाजत जापान ने भी दी है. कोरोना वायरस की दवा अबतक नहीं बनी है लेकिन एक अमेरिकी बायोटेक कंपनी ने दावा किया है कि रेमेडीसिविर को कोविड 19 के ईलाज में बेहतर देखा गया है. इस दवा के इस्तेमाल से मरीजों में पांच दिनों के अंदर सुधार देखा जा रहा है.

लॉस एंजिलिस : अमेरिका में एक ऐसे दवा की खोज की गयी जिससे कोविड 19 के मरीजों में सुधार देखा जा रहा है. इस दवा के इस्तेमाल की इजाजत जापान ने भी दी है. कोरोना वायरस की दवा अबतक नहीं बनी है लेकिन एक अमेरिकी बायोटेक कंपनी ने दावा किया है कि रेमेडीसिविर को कोविड 19 के ईलाज में बेहतर देखा गया है. इस दवा के इस्तेमाल से मरीजों में पांच दिनों के अंदर सुधार देखा जा रहा है.

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यह दवा इजेंक्शन के जरिये सीधे नस में जाती है और असर दिखाती है. इसके इस्तेमाल को लेकर ना सिर्फ अमेरिका में बल्कि जापान में भी इजाजत मिल गयी है. अमेरिका में कुछ मरीजों पर इसका इस्तेमाल किया जा रहा है. इस दवा को लेकर विस्तार से जानकारी साझा की जायेगी. शुरुआती रुप से इस्तेमाल किये गये रिजल्ट सामने रखे गये हैं जिससे दूसरे देश भी इस दवा पर भरोसा कर रहे हैं.

इस दवा को लेकर पूरी जानकारी मेडिकल जर्नल में प्रकाशित की जायेगी, जिससे और लोगों को भी मदद मिल सकती है. इस दवा के संबंध में विस्तार से जानकारी दी जायेगी. प्रयोग में रेमेडीसिविर इस तरह की दवा के रूप में सामने आ रही है जिससे उम्मीद लगायी जा रही है कि कोरोना से लड़ने में मदद मिलेगी.

इस दवा को लेकर अभी और रिसर्च हो रहा है कि इसे और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है. अबतक किये गये शोध में यह सामने आया है कि यह दवा कोरोना संक्रमितों को ठीक करने के लगने वाले समय को कम करती है. कोरोना संक्रमण से ठीक होने के लिए मरीजों को 15 दिनों का वक्त लगता है जिसमें अब 11 दिन लग रहा है. अबतक उपयोग किये गये दवा के आंकड़े के अनुसार इसमें सुधार की संभावना 65 फीसद से अधिक है.

इस दवा को लेकर अभी और रिसर्च हो रहा है कि इसे और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है. अबतक किये गये शोध में यह सामने आया है कि यह दवा कोरोना संक्रमितों को ठीक करने के लगने वाले समय को कम करती है. कोरोना संक्रमण से ठीक होने के लिए मरीजों को 15 दिनों का वक्त लगता है जिसमें अब 11 दिन लग रहा है. अबतक उपयोग किये गये दवा के आंकड़े के अनुसार इसमें सुधार की संभावना 65 फीसद से अधिक है.

Posted By- Pankaj Kumar Pathak

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