खामेनेई के जनाजे पर डोनाल्ड ट्रंप का दावा- एक ही शॉट में सबको खत्म कर सकते थे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका चाहता तो अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में मौजूद ईरानी लीडरशिप पर हमला कर सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया. जानें ट्रंप ने हमला नहीं करने के पीछे की वजह क्या बतायी.

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अगर अमेरिका चाहता, तो अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में जुटे ईरान के बचे हुए टॉप लीडर को सिर्फ एक ही हमले में खत्म कर सकता था. हालांकि, उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं किया गया ताकि ईरान के साथ न्यूक्लियर डील को लेकर बातचीत जारी रह सके. ट्रंप ने कहा कि वे सभी वहां मौजूद हैं. एक ही शॉट में हम उन सभी को खत्म कर सकते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे. ऐसा इसलिए क्योंकि फिर हमारे पास बातचीत करने के लिए कोई नहीं बचेगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान के साथ बातचीत जारी रहे, इसलिए ऐसा कदम नहीं उठाया गया.

न्यूज आउटलेट एक्सियोस से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्हें यह देखकर हैरानी हुई कि कुछ ईरानी लोग अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में रो रहे थे. उन्होंने कहा कि मुझे लगा था कि लोग उनसे नफरत करते हैं, शायद ये आंसू भी नकली हों.

अंतिम संस्कार के लिए एक हफ्ते का वक्त दिया : ट्रंप

अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस (4 जुलाई) समारोह से पहले ट्रंप ने ईरान पर निशाना साधते हुए कहा था कि हमने ईरान को पूरी तरह झुका दिया. अब वे समझौता करने के लिए बेताब हैं. हमने उनके अंतिम संस्कार के लिए एक हफ्ते का वक्त भी दिया, क्योंकि हम अच्छे हैं. वहीं, अली खामेनेई के अंतिम संस्कार शुरू होने से पहले ईरान के एक सैन्य कमांडर ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर ईरान पर किसी तरह का हमला किया गया, तो उसका करारा जवाब दिया जाएगा.

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ईरान के खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के कमांडर अली अब्दोल्लाही ने कहा कि हम ईरान के दुश्मनों, खासकर अमेरिका और इजरायल को चेतावनी देते हैं कि वे कोई गलत कदम उठाने की भूल न करें. अगर हमारे देश पर हमला हुआ या किसी तरह की आक्रामकता दिखाई गई, तो हमारी सेनाएं उसका बेहद कड़ा और करारा जवाब देंगी.

अली खामेनेई की अंतिम यात्रा शुरू

अली खामेनेई की अंतिम यात्रा 3 जुलाई से तेहरान में शुरू हुई. यह 9 जुलाई को उनके गृह नगर मशहद में दफन के साथ पूरी होगी. इस बीच कोम और इराक में भी कई धार्मिक और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होने की उम्मीद है.

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By Amitabh Kumar

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