Bangladesh News : बांग्लादेश मरीजों को इलाज के लिए क्यों भेज रहा है पाकिस्तान? वजह  कर देगी हैरान

Bangladesh News : बांग्लादेश के स्वास्थ्य सलाहकार नूरजहां बेगम के अनुसार, मरीजों को इलाज उपलब्ध कराने में कोई समझौता नहीं किया जा रहा है. हमारा फोकस मरीजों के इलाज पर है, उसमें आने वाले खर्च पर नहीं.

Bangladesh News : बांग्लादेश के स्वास्थ्य सलाहकार नूरजहां बेगम ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय जुलाई में हुए आंदोलन के दौरान घायल हुए 43 लोगों को इलाज के लिए विदेश भेज चुका है. 52 अन्य लोगों को भेजने की तैयारी कर रहा है, जिनमें से 31 को पाकिस्तान भेजा जाएगा. राजधानी स्थित विदेश सेवा अकादमी में मीडिया को संबोधित करते हुए सलाहकार ने कहा कि अब तक 800 से अधिक लोगों को जुलाई आंदोलन के शहीदों के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, जबकि घायलों की सूची में 14,000 से अधिक व्यक्ति शामिल हैं. हालांकि, नूरजहां ने कहा कि इन आंकड़ों को अभी भी अपडेट किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक घायल व्यक्ति को एक स्वास्थ्य कार्ड जारी किया जा रहा है, और उन्हें आजीवन मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी.

पाकिस्तान क्यों भेजा जा रहा है इलाज के लिए?

जब उनसे पूछा गया कि कुछ लोगों को इलाज के लिए पाकिस्तान क्यों भेजा जाएगा, तो उन्होंने बताया कि पाकिस्तान एक युद्ध प्रभावित देश है. उसने बारूदी सुरंग विस्फोटों से होने वाली चोटों के इलाज के लिए एक स्पेशल टेक्निक डेवलप की है. उन्होंने कहा कि हाल ही में बांग्लादेश का दौरा करने वाले ब्रिटेन के डॉक्टरों के एक ग्रुप ने उन लोगों को लाहौर भेजने की सिफारिश की है, जिन्होंने अपने अंग खो दिए हैं.  dhakatribune.com ने इस संबंध में खबर प्रकाशित की है.

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नूरजहां ने कहा, “ब्रिटेन के डॉक्टरों के अनुसार, लाहौर में एक विशेष अस्पताल है जो ऐसे रोगियों को खास सुविधा प्रदान करता है. हम वर्तमान में इस मामले पर चर्चा कर रहे हैं.” उन्होंने आगे कहा कि अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद से, 40 लोगों को उचित इलाज के लिए विदेश भेजा गया है. उनमें से 26 को बैंकॉक, 13 को सिंगापुर और एक को रूस भेजा गया. इनमें से 26 अपना इलाज करवाने के बाद पहले ही बांग्लादेश लौट चुके हैं.

मरीजों के इलाज में आने वाले खर्च को लेकर चिंता नहीं

स्वास्थ्य सलाहकार ने इस बात पर जोर दिया कि इलाज में आने वाले खर्च को कवर करने में कोई हिचकिचाहट नहीं है. उन्होंने आंदोलन में घायल हुए मूसा नामक एक बच्चे के मामले पर प्रकाश डाला, जिसके इलाज पर अब तक 6.5 करोड़ टका से अधिक खर्च हो चुका है. उन्होंने कहा कि घायलों के इलाज में आने वाले खर्च के लिए मुख्य सलाहकार के राहत कोष ने 25.37 करोड़ टका आवंटित किए हैं.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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