बांग्लादेश चुनाव: दोपहर तक 32.88% वोटिंग, मैदान में 1981 उम्मीदवार, मोहम्मद यूनुस ने डाला वोट

Bangladesh Election: बांग्लादेश चुनाव में मतदाताओं ने उत्साह दिखाया है. पोलिंग बूथ पर सुबह से ही वोटर्स की लाइन लगी है. दोपहर तक करीब 33 फीसदी वोटिंग हुई है. यह चुनाव ऐसे समय में हो रहा है जब पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की मौत हाल ही में हुई है, और शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी पर प्रतिबंध लगा है.

Bangladesh Election: बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव की वोटिंग जारी है. न्यूज एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश के 42,651 केंद्रों पर दोपहर तक करीब 32.88 फीसदी मतदान दर्ज किया गया. डेली स्टार ने चुनाव आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद के हवाले से कहा कि देश भर में 42,651 केंद्रों पर मतदान जारी है. अभी तक किसी भी मतदान केंद्र ने मतदान स्थगित होने की सूचना नहीं दी है. इस बार वोटिंग में बांग्लादेश के लोग काफी उत्साह दिखा रहे हैं. मतदाता सुबह जल्दी मतदान केंद्र पहुंचने लगे. सुबह 6 बजे से ही मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें लग गईं.

चुनावी मैदान में 1,981 उम्मीदवार

बांग्लादेश में संसदीय चुनाव ऐसे समय में हो रहा है जब पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की मौत हाल ही में हुई है. इसके अलावा शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी पर प्रतिबंध लगा है. बात करें बांग्लादेश की तो यह दुनिया का आठवां सबसे अधिक आबादी वाला देश है. यहां करीब 127 मिलियन मतदातादा है. अल जजीरा के मुताबिक वोटर्स में करीब आधे लोग 18 से 37 वर्ष की आयु वर्ग के हैं, जिनमें से 457 लाख मतदाता पहली बार मतदान कर रहे हैं. इस चुनाव में अवामी लीग को छोड़कर 59 पंजीकृत राजनीतिक दल चुनाव लड़ रहे हैं . अवामी लीग का पंजीकरण पिछले साल चुनाव आयोग ने निलंबित कर दिया था. चुनाव में कुल मिलाकर 1,981 उम्मीदवार मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.

अंतरिम मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने किया मतदान

बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने गुरुवार को अपना वोट डाला. मोहम्मद यूनुस ने ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल एंड कॉलेज मतदान केंद्र पर मतदान किया. शेख हसीना की भंग हो चुकी अवामी लीग की गैरमौजूदगी में मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और उसकी पूर्व सहयोगी जमात-ए-इस्लामी के बीच है. इधर गुलशन मॉडल हाई स्कूल और कॉलेज में अपना वोट डालने वाले बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान ने वोटिंग के बाद कहा कि देश अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए चुनाव के दिन का इंतजार कर रहा था.

क्या है बांग्लादेश में मुख्य चुनावी मुद्दा

बांग्लादेश में विभिन्न राजनितक दल भ्रष्टाचार, महंगाई, रोजगार और आर्थिक विकास को मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ रहे हैं. संसदीय चुनाव के अलावा, देश में राष्ट्रीय चार्टर 2025 पर जनमत संग्रह भी हो रहा है – यह दस्तावेज मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की ओर से तैयार किया गया है. बांग्लादेश में चुनाव लड़ने वाली मुख्य पार्टियों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP), जमात-ए-इस्लामी, नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP), जातीय पार्टी (जेपी-क्वाडर), जातीय पार्टी (जेपी-इरशाद), लेफ्ट डेमोक्रेटिक अलायंस और अमर बांग्लादेश पार्टी है. (इनपुट भाषा)

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >