अयातुल्ला खामेनेई सुपुर्द-ए-खाक: अंतिम संस्कार में शामिल हुए 43 मिलियन से अधिक लोग

Khamenei Funeral Ceremonies: अमेरिका-इजराइल हमलों में मारे गए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को शुक्रवार को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया.

Khamenei Funeral Ceremonies: खामेनेई ने करीब 37 वर्ष तक ईरान पर शासन किया. उनकी अमेरिका और इजराइल के हवाई हमलों में 28 फरवरी को मौत हो गई थी. उन्हें उनके गृहनगर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया गया.

अंतिम संस्कार समारोह में 43 मिलियन से अधिक लोग शामिल हुए

ईरान की सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने फार्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के हवाले से बताया खामेनेई के अंतिम संस्कार में 4.1 करोड़ से लेकर 4.3 करोड़ (41-43 मिलियन) लोग शामिल हुए.

मशहद शहर में दफनाए जाने वाले दूसरे शासक बने खामेनेई

खामेनेई ईरान के दूसरे ऐसे शासक हैं जिन्हें मशहद शहर में दफनाया गया. इससे पहले 1747 में नादिर शाह को इसी शहर में दफनाया गया था. करीब 11 वर्ष तक सत्ता में रहे नादिर शाह की 1747 में हत्या कर दी गई थी.

5 शहरों में 6 दिनों तक चली अंतिम विदाई

अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा शनिवार 4 जुलाई को शुरू हुई थी. जो 5 शहरों (तेहरान, कोम, नजफ, कर्बला और मश्हद) में 6 दिनों तक चली. इस दौरान अधिकारियों ने ईरान की राजधानी तेहरान और अन्य शहरों में सड़कों, हवाई क्षेत्र और अन्य गतिविधियों को बंद कर दिया था.


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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