अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट में लैपटॉप में लगी आग, 4-5 यात्री झुलसे; धुएं से केबिन में मची अफरा-तफरी

अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट में अचानक अफरा-तफरी मच गई जब लैपटॉप की बैटरी में आग लग गई. चार से पांच यात्री झुलस गए और केबिन धुएं से भर गया. क्रू ने त्वरित कार्रवाई कर स्थिति को संभाला.

अमेरिका में उस समय एक फ्लाइट में अचानक खलबली मच गई, जब लैंडिंग से ठीक पहले एक यात्री के लैपटॉप की बैटरी में आग लग गई, जिसके बाद विमान के अंदर धुआं फैल गया. घटना में कई यात्री झुलस गए. पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को तुरंत इस बारे में सूचना दी. पायलट के अनुसार, करीब चार से पांच यात्री लैपटॉप की वजह से झुलसे हैं. 

द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना शुक्रवार को अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट 2398 में हुई. एयरबस ए321 विमान में करीब 133 लोग सवार थे और यह अटलांटा से डलास के लिए उड़ान भर रहा था. अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) के अनुसार, विमान स्थानीय समयानुसार शाम करीब 6:55 बजे डलास-फोर्ट वर्थ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर गया.

क्रू ने तेजी से संभाली स्थिति

विमान के लैंड करने से पहले ही फ्लाइट अटेंडेंट्स ने आग को फैलने से रोकने की कोशिश शुरू कर दी थी. उन्होंने जलते हुए उपकरण को थर्मल कंटेनमेंट बैग में सुरक्षित तरीके से रखा. विमान के एयरपोर्ट पर पहुंचने से पहले ही इमरजेंसी टीमें भी वहां तैनात थीं. डलास-फोर्ट वर्थ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के एक प्रवक्ता ने बताया कि घटना के बाद एक मरीज का इलाज किया गया और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.

अमेरिकन एयरलाइंस ने द इंडिपेंडेंट को दिए बयान में कहा कि अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट 2398 डलास-फोर्ट वर्थ में सुरक्षित उतर गई. लैंडिंग के दौरान एक ग्राहक के डिवाइस से धुआं निकलने की सूचना मिली थी. क्रू ने तेजी से कार्रवाई करते हुए डिवाइस को नियंत्रित कर लिया और स्थिति को बिगड़ने से रोका.

केबिन में भर गया था धुआं

फ्लाइट में मौजूद एक यात्री ने एबीसी न्यूज को बताया कि घटना के दौरान पूरे केबिन में धुआं फैल गया था. उसके मुताबिक, फ्लाइट अटेंडेंट्स आग बुझाने और झुलसे यात्रियों की मदद करने में जुट गए थे.

एक अन्य यात्री ने घटना के दौरान अपने डर को याद करते हुए कहा कि उस समय उनके मन में 'बहुत सकारात्मक विचार नहीं आ रहे थे.' उन्होंने आगे कहा, 'मुझे लगा, बस अब सब खत्म है. यह निश्चित तौर पर बहुत डरावना था.'

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पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को दी जानकारी

घटना के दौरान विमान के पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को भी स्थिति की जानकारी दी. पायलट ने कहा कि जलते हुए लैपटॉप को विमान के बीच वाले हिस्से में नियंत्रित करके रखा गया था. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ यात्रियों के हाथ झुलस गए थे.

लिथियम-आयन बैटरी को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?

लैपटॉप, मोबाइल फोन, चार्जिंग केस और पोर्टेबल पावर बैंक जैसे कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में लिथियम-आयन बैटरी का इस्तेमाल होता है. एफएए के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में अब तक यात्री विमानों में लिथियम बैटरी से जुड़ी 58 ऐसी घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें धुआं, आग या अन्य खतरनाक स्थिति पैदा हुई.

कैसे अचानक खतरनाक हो जाती है लिथियम बैटरी?

एफएए के मुताबिक, लिथियम-आयन बैटरियां अत्यधिक गर्म हो सकती हैं और थर्मल रनअवे नाम की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. यह स्थिति कई कारणों से पैदा हो सकती है. मसलन, बैटरी के क्षतिग्रस्त होने, ज्यादा गर्म होने, पानी के संपर्क में आने, जरूरत से ज्यादा चार्ज होने या गलत तरीके से पैक किए जाने पर ऐसा हो सकता है.

थर्मल रनअवे की स्थिति में तेज गर्मी और भारी धुआं पैदा हो सकता है. यही वजह है कि एयरलाइंस और फ्लाइट क्रू को ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए विशेष प्रक्रियाओं और कंटेनमेंट उपकरणों का इस्तेमाल करना पड़ता है.

एफएए यह भी चेतावनी देता है कि मैन्युफैक्चरिंग में किसी तरह की खराबी भी थर्मल रनअवे की वजह बन सकती है. एक बार यह प्रक्रिया शुरू होने पर बैटरी बहुत ज्यादा गर्मी और धुआं पैदा कर सकती है, जिससे आग लगने का खतरा बढ़ जाता है.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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