कुआलालंपुर : कुल 239 लोगों को लेकर बीजिंग जा रहे मलेशिया एयरलाइंस के एक विमान का आज हवाई यातायात नियंत्रकों से संपर्क टूट गया.खबर है कि विमान वियतनाम के समंदर में क्रैश हो गया है.
एयरलाइन ने एक बयान में बताया कि द बोइंग777-220 उड़ान एमएच370 ने स्थानीय समयानुसार मध्य रात्रि को 12 बज कर 41 मिनट पर उड़ान भरी और दो घंटे बाद लगभग 2 बज कर 40 मिनट पर कुआलालंपुर के समीप सुबांग हवाई यातायात नियंत्रक से उसका संपर्क टूट गया.मलेशिया एयरलाइन्स ने यात्रियों की सूची जारी की है उसमें 14 राष्ट्रीयता वाले लोगों का जिक्र है लेकिन उनमें कोई भारतीय नहीं है.
चीन जाते समय विमान दक्षिण चीन सागर के उपर रात में कहीं लापता हो गया. विमान में 227 यात्री और चालक दल के 12 सदस्य सवार हैं.मलेशिया एयरलाइन्स के सीईओ अहमद जाैहरी याहया ने बताया ‘‘एयरलाइन का मुख्य उद्देश्य आपात स्थिति में अधिकारियों के साथ काम करना है.’’
उन्होंने बताया कि लापता विमान के पायलट की पहचान जहरी अहमद शाह के तौर पर हुई है और उन्हें विमान उड़ाने का 18365 घंटे का अनुभव है. वह 1981 में एयरलाइन्स से जुड़े थे.
एयरलाइन का कहना है कि वह चीन के गुइझोउ प्रांत के नैनमिंग में विमान उतरने की अपुष्ट खबरों का पता लगा रही है.इस एयरलाइन की वेबसाइट पर डाले गए बयान में कहा गया है ‘‘ऐसी अटकलें हैं कि विमान नैनमिंग में उतरा है. हम इन खबरों की सत्यता का पता लगा रहे हैं.’’बहरहाल, चीन में अधिकारियों ने बताया कि उन्हें विमान के चीनी वायुक्षेत्र में प्रवेश संबंधी कोई प्रमाण अब तक नहीं मिले हैं.
इसी बीच, चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की खबर में कहा गया है कि वियतनाम के बचाव अधिकारियों ने लापता मलेशियाई विमान के सिग्नल का पता चलने का दावा किया है.
विमान में 152 चीनी यात्री, 38 मलेशियाई, 12 इंडोनेशियाई, 7 ऑस्ट्रेलियाई, 3 फ्रांसीसी, एक बच्चे सहित 4 अमेरिकी, 2 यात्री न्यूजीलैंड के, 2 यूक्रेनी, 2 कनाडाई और एक एक यात्री रुस, इटली, ताइवान, नीदरलैंड तथा ऑस्ट्रिया का है.
जौहरी ने बताया कि मलेशियाई एयरलाइन्स लापता विमान की तलाश के लिए प्रशासन के साथ काम कर रही है.उन्होंने बताया ‘‘हमारी टीम यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के परिजन से संपर्क कर रही है.’’
मलेशियाई रक्षा मंत्री हिशामुद्दीन हुसैन ने लोगों से लापता विमान के बारे में अटकलें न लगाने का आग्रह किया है.मलेशिया के पास कुल 15 बोइंग 777-200 श्रंखला के हैं. इस विमान का उपयोग वर्ष 2002 से किया जा रहा है.
