इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व सैन्य तानाशाह परवेज मुशर्रफ के खिलाफ देशद्रोह के मामले की सुनवाई कर रही एक विशेष अदालत ने न्यायाधीशों पर पक्षपात करने का आरोप लगाने और तीन सदस्यीय खंडपीठ को चुनौती देने वाली उनकी याचिकाओं को आज खारिज कर दिया.
न्यायाधीश फैसल अरब ने संक्षिप्त आदेश सुनाते हुए कहा कि मुशर्रफ द्वारा दायर सभी याचिकाएं खारिज कर दी गई हैं और सुनवाई 11 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई है. मुशर्रफ (70) 11 मार्च को खंडपीठ के समक्ष उपस्थित होंगे और उसी दिन उन्हें अभ्यारोपित किया जाएगा.अभियोजन पक्ष ने कहा कि अगली सुनवाई में मुशर्रफ को अदालत में पेश होना होगा और यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो वे उनके खिलाफ गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी करने की मांग करेंगे.
इस बीच न्यायाधीशों को हिरासत में रखने के मामले में मुशर्रफ के खिलाफ मामले की सुनवाई कर रही आतंकवाद निरोधक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति के वकीलों के उपस्थित नहीं होने पर आज सुनवाई 21 मार्च के लिए स्थगित कर दी.
सुनवाई के दौरान मुशर्रफ का प्रतिनिधित्व कर रही बचाव पक्ष की टीम अदालत में पेश नहीं हुई. दरअसल यहां एक स्थानीय अदालत में हुए आतंकवादी हमलों के कारण जिला बार और इस्लामाबाद उच्च न्यायालय का प्रतिनिधित्व कर रहे वकीलों ने कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया है. मुशर्रफ के वकील भी इसी बहिष्कार के समर्थन में अदालत में उपस्थित नहीं हुए.
