ल्योन : इंटरपोल ने आज कहा कि वह यूक्रेन की नई सरकार की ओर से, अपदस्थ राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच के खिलाफ एक गिरफ्तारी वारंट जारी करने की खातिर किए गए आग्रह पर विचार कर रहा है.अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन ने इस बात की पुष्टि की है कि उसे बुधवार को कीव के प्राधिकारियों की ओर से यानुकोचिव के खिलाफ सत्ता के दुरुपयोग और हत्या के आरोप में एक ‘रेड नोटिस’ या अंतरराष्ट्रीय वांछित व्यक्ति अलर्ट जारी करने एक आग्रह मिला है.
इंटरपोल ने एक बयान में कहा है कि उसके कानूनी मामलों का विभाग इस आग्रह पर विचार कर रहा है ताकि यह तय किया जा सके कि आग्रह संगठन के संविधान और नियमों के मुताबिक है या नहीं.बयान के अनुसार, इंटरपोल के सभी सदस्य देशों ने समीक्षा जारी रहने की पुष्टि की है.
यूक्रेन के सरकारी अभियोजक ने 26 फरवरी को बताया था कि कीव ने यानुकोविच के खिलाफ सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों की ‘‘सामूहिक हत्या’’ करने के आरोप में एक अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आग्रह किया है.इन प्रदर्शनों के चलते रुस समर्थक नेता यानुकोविच को चार दिन पहले पदच्युत कर दिया गया था.लोगों का गुस्सा यानुकोविच के खिलाफ इसलिए भड़का था क्योंकि उन्होंने यूरोपीय संघ के साथ एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था.
यानुकोविच कहां गए, यह किसी को पता नहीं था लेकिन दो दिन बाद वह रुस में नजर आए थे.रुस इंटरपोल का सदस्य है लेकिन संगठन का कहना है कि वह किसी भी सदस्य देश को रेड नोटिस वाले व्यक्ति की गिरफ्तारी के लिए बाध्य नहीं कर सकता.यानुकोविच के पदच्युत होने के बाद से यूक्रेन के भविष्य को लेकर पश्चिम और रुस के बीच तनाव इस स्तर तक बढ़ चुका है जैसा शीत युद्ध के बाद से नहीं देखा गया.
रुसी फौजों ने मूलनिवासी रुसियों की बहुलता वाले क्रीमिया को अपने नियंत्रण में ले लिया है जिससे क्रीमिया के यूक्रेन से अलग हो जाने की आशंका जताई जा रही है.इसके जवाब में यूरोपीय संघ और अमेरिका ने रुस पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं.
