वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि रुस की कार्रवाई यूक्रेन की संप्रभुता का उल्लंघन है और सुझाव दिया कि एक कूटनीतिक हल है जिससे रुस और यूक्रेन दोनों के हितों की रक्षा होगी और शीत युद्ध के बाद पूर्व.पश्चिम के बीच उत्पन्न अब तक का सबसे बड़ा गतिरोध समाप्त होगा.
व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा कि ओबामा ने कल दोपहर में लगभग एक घंटे तक रुसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की और कहा कि ‘‘स्थिति को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने का एक तरीका है जिससे रुस, यूक्रेन के लोगों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के हितों की रक्षा होगी.’’
सप्ताह भर के भीतर यह दोनों नेताओं के बीच टेलीफोन पर होने वाली दूसरी बातचीत है. यह बातचीत ओबामा द्वारा यूक्रेन में लोकतांत्रिक प्रकियाओं को कमजोर करने तथा रुसी दखल को समर्थन देने वाले व्यक्तियों और इकाइयों पर पाबंदी लगाने के कुछ घंटों बाद हुई है.
नई पाबंदी की घोषणा तब की गई है जब अमेरिका ने रुसी बलों द्वारा क्रीमिया का कथित तौर पर नियंत्रण लेने के बाद दबाव बढ़ाना शुरु कर दिया है. क्रीमिया यूक्रेन के भीतर एक स्वायत्तशासी प्रायद्वीप है जहां रुसी मूल के लोग बहुसंख्या में हैं.
व्हाइट हाउस ने कहा, ‘‘इस हल के तहत यूक्रेन और रुस की सरकारें सीधी वार्ता करेंगी जिसमें अंतरराष्ट्रीय समुदाय सहयोग करेगा, अंतरराष्ट्रीय निगरानीकर्ता यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि रुसी मूल सहित सभी यूक्रनवासियों के अधिकारों की रक्षा हो, रुसी सैनिक अपने शिविरों में लौट जाएंगे तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय साथ मिलकर यूक्रेन के लोगों का समर्थन करेगा जो कि आगामी मई में चुनाव की तैयारियां कर रहे हैं.’’ओबामा ने संकेत दिया कि विदेश मंत्री जॉन कैरी आने वाले दिनों में रुस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, यूक्रेन और अन्य अंतरराष्ट्रीय साङोदारों के साथ चर्चा जारी रखेंगे ताकि उद्देश्यों को जल्द प्राप्त किया जा सके.
इससे पहले व्हाइट हाउस ने कहा था कि व्हाइट हाउस रुस द्वारा यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन पर व्यापक विकल्प अपना रहा है और उनकी समीक्षा कर रहा है क्योंकि यह शांति और सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है.
