वाशिंगटन : पेंटागन के दबाव में झुकते हुए अमेरिकी सीनेट एक भावपूर्ण बहस के बाद बलात्कार और दूसरे गंभीर अपराधों में मुकदमा चलाने का अधिकार अमेरिकी सैन्य कमांडरों को देने पर सहमत हो गया.कमांडरों को इस अधिकार से वंचित करने के लिए सीनेट में हुए मतदान में हालांकि 55 मत पक्ष में पड़े और 45 मत विरोध में पड़े लेकिन ये मत विधेयक को आगे बढ़ाने के लिए जरुरी 60 मतों से कम थे. विधेयक सीनेटर क्रिस्टीन गिलीब्रैंड ने सीनेट में रखा था.
यदि यह विधेयक पारित हो जाता तो सैन्य कमान के क्रम से इतर अनुभवी सैन्य वकीलों को गंभीर अपराधों के मामलों को कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया में ले जाने का अधिकार मिल जाता.
सेना में यौन शोषण पर अंकुश लगाने के लिए करीब एक साल से अभियान चल रहा था. कल हुई बहस और मतदान इसी अभियान के तहत थे. इस अभियान का नेतृत्व महिला सीनेटरों ने किया जिन्होंने सवाल खड़े किए थे कि सेना का पुरुष बहुल नेतृत्व क्या हल्के यौन अपराधों और गंभीर अपराधों जिनमें तीव्र एवं निर्णायक न्याय की जरुरत होती है, में अंतर समझता है.
पेंटागन के अधिकारियों, पूर्व अभियोजकों एवं सीनेट में सैन्य मामलों के विशेषज्ञों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि सेना में पुरुषों एवं महिलाओं के आचार के लिए कमांडरों की जिम्मेदारी कम नहीं बल्कि अधिक होनी चाहिए.
सर्वेक्षणों के अनुसार हाल के समय में सेना में संभावित रुप से 26,000 महिलाएं यौन शोषण का शिकार हुई हैं. इनमें से हजारों कार्रवाई ना किए जाने या बदले की कार्रवाई होने के डर से आगे नहीं आना चाहतीं.
