वाशिंगटन:अमेरिका ने गुरुवार को रूस की ओलाचना करते हुए कहा कि वह यूक्रेन में अपनी ‘अवैध कार्रवाई’ को उचित ठहराने की खातिर ‘गलत बयानी’ कर रहा है और इसके साथ ही संकट पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बयानों का एक-एक कर खंडन किया. अमेरिकी विदेश विभाग ने ‘राष्ट्रपति पुतिन की कपोल कल्पना : यूक्रेन के बारे में 10 झूठे वायदे’ शीर्षक वाले तथ्य पत्र में कहा, ‘क्योंकि रूस यूक्रेन में अपनी अवैध कार्रवाई को उचित ठहराने के लिए गलत बयानी कर रहा है. विश्व ने (फ्योदोर) दोस्तोयेवस्की द्वारा लिखे पत्र के बाद से रूस की इस तरह की चौंका देनेवाली कपोल कल्पना नहीं देखी है. उसकी यह कल्पना ‘दो जमा दो बराबर पांच’ के फॉर्मूले पर आधारित है.’ पुतिन ने कहा था कि क्रीमिया में रूसी बल केवल रूसी सैन्य संपत्तियों की रक्षा के लिए काम कर रहे हैं और क्रीमिया में ढांचे तथा सैन्य प्रतिष्ठानों पर कब्जा करनेवाले ‘नागरिक रक्षा समूह’ हैं, न कि रूसी बल. उनके इस बयान पर अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि क्रीमिया में अत्यंत संगठित यूक्रेन विरोधी बलों में रूसी सुरक्षा सेवाओं की पैठ है.
रूस-यूक्रेन क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करें
पुतिन के इस बयान पर कि रूस की कार्रवाई यूक्रेन और रूसी संघ के बीच 1997 में हुई मित्रता संधि के दायरे में है, अमेरिका ने कहा कि 1997 के समझौते की जरूरत है कि रूस-यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करे. अमेरिकी विदेश विभाग ने पुतिन के इस दावे को खारिज किया है कि विपक्ष यूक्रेन के पूर्व राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच के साथ हुए 21 फरवरी के समझौते को क्रियान्वित करने में विफल रहा है.
चीन से मांगी मदद
इस बीच, यूक्रेन के मुद्दे पर समर्थन जुटाने के लिए अमेरिका चीनी नेतृत्व के पास भी पहुंचा है. ह्वाइट हाउस ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसन राइस ने चीनी स्टेट काउंसिलर यांग जिएची से गुरुवार को अमेरिका-चीन रिश्तों और यूक्रेन में हो रहे घटनाक्रमों पर चर्चा की. अमेरिका ने पुतिन के इस बयान को भी खारिज किया कि कीव, क्रीमिया को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है.
रूस यूक्रेन से बात करे: केरी
इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने रूस से अपील की है कि वह यूक्रेन से अपनी सेना को वापस बुला ले और यूक्रेनी सरकार से वार्ता करे. केरी ने कहा, ‘रूस मानवाधिकार निरीक्षकों का स्वागत करे.’ केरी इस समय फ्रांस की यात्र पर हैं और उन्होंने यूक्रेन की स्थिति पर फ्रांस एवं रूस के अपने समकक्षों एवं अन्य देशों के नेताओं से बात की.
लैवरोव ने की अनदेखी
रूसी विदेश मंत्री सर्जेई लैवरोव ने यूक्रेनी समकक्ष से मिलने के लिए पश्चिमी देशों की ओर से डाले जा रहे दबाव का विरोध किया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि आगामी दिनों में अमेरिका और अन्य देशों के साथ बातचीत जारी रहेगी. पेरिस में कूटनीतिक चर्चा के अंत में लैवरोव ने फ्रांसीसी विदेश मंत्रलय की उस उम्मीद पर पानी फेर दिया जिसमें माना जा रहा था कि वह यूक्रेन के विदेश मंत्री एर्डिए देशच्येत्स्या से मिलेंगे.
ओबामा ने की कैमरुन से बात
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस मुद्दे पर सलाह-मशविरा के लिए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरुन को फोन किया. इस मुद्दे पर दोनों पक्षों का मानना है कि रूस की कार्रवाई यूक्रेन की संप्रभुता का उल्लंघन है. ‘दोनों ने कहा कि वर्तमान हालात अस्वीकार्य हैं. रूस ने अपनी कार्रवाइयों की कीमत चुकानी शुरू कर दी है जैसे कि निवेशकों का भरोसा उसमें कम हो गया है.’
