वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने यूक्रेन की स्थिति तथा अमेरिका एवं उसके अंतरराष्ट्रीय सहयोगी देशों से अगले कदम पर चर्चा करने के लिए जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल को फोन किया. यह यूक्रेन में रुसी सैन्य कार्रवाई के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने के अमेरिकी प्रयास का हिस्सा है.
ओबामा प्रशासन मानता है कि यूक्रेन का संकट सुलझाने में जर्मनी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. माना जाता है कि कल की बातचीत करीब एक घंटे चली. इट हाउस ने कहा कि दोनों नेताओं ने रुस द्वारा यूक्रेन की संप्रभुता का स्पष्ट उल्लंघन किये जाने पर गहरी चिंता जतायी और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों एवं मानवाधिकार निगरानीकर्ताओं की तैनाती करके तनाव को कम करने पर सहमति जतायी. इसके साथ ही दोनों नेताओं ने इस बात पर भी सहमति जतायी कि रुस और यूक्रेन के बीच सीधी बातचीत शुरु होनी चाहिए.
व्हाइट हाउस ने कहा, दोनों नेताओं ने यूक्रेन सरकार को समर्थन की जरुरत बतायी ,जो कि अपनी अर्थव्यवस्था स्थिर करने और मई में होने वाले चुनाव की तैयारी कर रहा है. दोनों नेताओं ने इस बात पर भी सहमति जताई कि वे आने वाले दिनों में एक दूसरे के सम्पर्क में रहेंगे.
ऐसा माना जाता है कि अमेरिकी प्रशासन यूक्रेन संकट और रुस की सैन्य कार्रवाई के संबंध में एक बहुआयामी रणनीति का पालन कर रहा है. इसमें शीर्ष पर रुस को अलग थलग करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट करना, रुस के खिलाफ प्रतिबंध खड़े करना तथा यूक्रेन को लोकतांत्रिक मजबूती प्रदान करना शामिल है.
अधिकारियों का मानना है कि रुस के खिलाफ उसे मजबूत अंतरराष्ट्रीय समर्थन है और अमेरिका और उसके सहयोगियों ने जी..8 सम्मेलन की तैयारियों पर मशविरा रोकने जैसे जो कदम उठाए हैं, वे काम कर रहे हैं. इस संबंध में वे चीन द्वारा जारी बयान को महत्वपूर्ण मानते हैं.
मर्केल के यूरोप में नेतृत्व और रुसी नेतृत्व के साथ उनके संबंध के चलते अमेरिकी प्रशासन उन्हें इस पूरे संकट में महत्वपूर्ण मानता है. इसी के चलते ओबामा और मर्केल दोनों के बीच टेलीफोन पर बातचीत एक घंटे से अधिक समय तक चली.
