वाशिंगटन : भारत में महिलाओं पर तेजाब हमलों के खिलाफ अभियान का सफल नेतृत्व करने के लिए ‘इंटरनेशनल वूमेन ऑफ करेज अवार्ड’ से सम्मानित लक्ष्मी को अमेरिकी प्रथम महिला मिशेल ओबामा ने बधाई दी. लक्ष्मी स्वयं तेजाब हमले की पीड़ित है. विदेश मंत्रालय के विशाल सभागार में कल मिशेल ओबामा और अन्य लोग मौजूद थे. अपने अनुभव बताते हुए लक्ष्मी ने एक कविता पढ़ी और मिशेल तथा अन्य लोग मंच पर उसके पास पहुंच गए.
अफगानिस्तान और फिजी सहित दुनिया के अलग अलग हिस्सों से आई महिलाओं के साथ यह प्रतिष्ठित अवार्ड हासिल करने के बाद लक्ष्मी ने एक कविता पढ़ी. कविता इस प्रकार थी ‘‘आपने मेरे चेहरे पर तेजाब नहीं फेंका, आपने मेरे सपनों पर तेजाब फेंका. आपके हृदय में प्यार नहीं, तेजाब है.’’ मूल कविता हिन्दी में थी. लक्ष्मी पर जब तेजाब फेंका गया था तब उसकी उम्र 16 साल थी। वर्ष 2005 में जब वह दिल्ली के अतिव्यस्त खान मार्केट में एक बस अड्डे पर बस का इंतजार कर रही थी तभी उसके चेहरे पर तेजाब फेंका गया था. लक्ष्मी के चेहरे पर तेजाब उसकी एक सहेली के 32 वर्षीय भाई ने फेंका था जिसके प्यार के प्रस्ताव को लक्ष्मी ने ठुकरा दिया था। तेजाब से लक्ष्मी का चेहरा पूरी तरह जल गया था.
पुरस्कार ग्रहण करने के बाद लक्ष्मी ने कहा कि इस अवार्ड के जरिये उसके साहस को सम्मानित किया गया है. उसने कहा कि यह पुरस्कार भारत की उन लड़कियों और महिलाओं के लिए प्रोत्साहन और प्रेरणा का स्नेत है जो अभी भी अपने साथ हुई ज्यादतियों के खिलाफ आवाज नहीं उठातीं. एक साक्षात्कार में लक्ष्मी ने बताया ‘‘इस अवार्ड के बाद भारत में लड़कियां सोचेंगी कि अगर लक्ष्मी ऐसा कर सकती है तो मैं भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठा सकती हूं.’’ पिछले साल इस सम्मान से निर्भया को मरणोपरांत सम्मानित किया गया था. 23 वर्षीय निर्भया के साथ 16 दिसंबर 2012 की रात को नई दिल्ली में चलती बस में सामूहिक बलात्कार कर उसे इतनी बुरी तरह घायल कर दिया गया था कि उसकी मौत हो गई थी.
