संयुक्त राष्ट्र : यूक्रेन में बढ़ते तनाव के बीच, संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की और क्रीमिया प्राय:द्वीप में रुसी सैनिकों के नियंत्रण को लेकर गहरी चिंता जाहिर की. महासचिव ने पुतिन से कीव में प्राधिकारियों के साथ सीधी बातचीत करने का आग्रह भी किया.महासचिव के कार्यालय से फोन पर हुई इस बातचीत का ब्यौरा जारी हुआ है. इस ब्यौरे के अनुसार, बान ने पुतिन से कहा ‘‘यूक्रेन में तेजी से हो रहे घटनाक्रम पर मैं गहराई से नजर रखे हुए हूं. हालिया घटनाक्रम, खास कर उन घटनाओं को लेकर मैं बहुत चिंतित हूं जिनसे देश की संप्रभुता, एकता और भूभागीय अखंडता से समझौता हो सकता है.’’ बान ने कल कहा था कि देश में शांति बहाल करना और तनाव घटाने के लिए तत्काल कदम बढ़ाना महत्वपूर्ण है.
उन्होंने कहा ‘‘शांति बहाल होना चाहिए और इस संकट को खत्म करने का एकमात्र तरीका बातचीत होना चाहिए. मैं राष्ट्रपति पुतिन से कीव में प्राधिकारियों के साथ सीधी बातचीत तत्काल करने का आग्रह करता हूं.’’ पूर्व में महासचिव के प्रवक्ता ने कहा था कि बान ने तत्काल शांति बहाल करने और सभी संबद्ध पक्षों के बीच सीधी बातचीत करने का आह्वान किया है ताकि वर्तमान संकट दूर हो सके.संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एक बार फिर बैठक की जिसमें संयुक्त राष्ट्र महासचिव का प्रतिनिधित्व कर रहे उप महासचिव जेन एलियासन ने ‘‘शांति और संयंम’’ का महत्व रेखांकित किया और यूक्रेन में तथा बाहर गंभीर बातचीत के महत्व पर जोर दिया. एलियासन ने परिषद में कहा कि क्रीमिया के नए प्रधानमंत्री सज्रेई एक्सेनोव ने पुतिन से क्रीमिया स्वायत्तशासी गणराज्य के भूभाग में शांति और समन्वय सुनिश्चित करने के लिए सहायता प्रदान करने की अपील की है.
उन्होंने परिषद में कहा कि क्रीमिया में कथित अतिरिक्त रुसी सैनिक तथा बख्तरबंद वाहन तैनात किए जाने की खबरों के बाद तथा यूक्रेन में रुसी बलों का उपयोग किए जाने के लिए राष्ट्रपति पुतिन के आग्रह को संसद के उच्च सदन की मंजूरी के बाद, देश में सार्वजनिक तथा राजनीतिक स्थिति को सामान्य किया जाना जरुरी है. बाद में उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने ‘‘यूक्रेन में निगरानी, कूटनीतिक पहलों से जुड़ी मध्यस्थता के प्रस्तावों पर विचारविमर्श किया और ‘‘मैं जानता हूं कि महासचिव इसे अत्यंत गंभीरता से लेंगे.’’
