अमेरिकी सरकार एप्पल को आईफोन हैक करने वाले सॉफ्टवेयर को रखने की इजाजत देगा
वाशिंगटन : ओबामा प्रशासन ने एक अमेरिकी मजिस्ट्रेट जज को बताया है कि वह एप्पल इंक को उस विशेष सॉफ्टवेयर को रखने और बाद में नष्ट करने की अनुमति दे देगा, जिसका डिजाइन करने के लिए प्रशासन ने कंपनी को आदेश दिए हैं. ओबामा प्रशासन ने दिसंबर में कैलिफोर्निया में हुई सामूहिक गोलीबारी के बंदूकधारी […]
वाशिंगटन : ओबामा प्रशासन ने एक अमेरिकी मजिस्ट्रेट जज को बताया है कि वह एप्पल इंक को उस विशेष सॉफ्टवेयर को रखने और बाद में नष्ट करने की अनुमति दे देगा, जिसका डिजाइन करने के लिए प्रशासन ने कंपनी को आदेश दिए हैं. ओबामा प्रशासन ने दिसंबर में कैलिफोर्निया में हुई सामूहिक गोलीबारी के बंदूकधारी द्वारा इस्तेमाल किए गए एनक्रिप्टेड (कूट संकेतों वाले) आईफोन को हैक करने में एफबीआई की मदद के लिए एप्पल इंक को एक विशेष सॉफ्टवेयर डिजाइन करने के आदेश दिये थे.
सरकार ने स्पष्ट किया कि वह एप्पल के मुख्य कार्यकारी टिम कुक की सार्वजनिक आलोचना को कुंद करने के लिए कम हस्तक्षेप वाले विकल्पों के लिए तैयार है. टिम कुक ने कहा था कि ऐसा सॉफ्टवेयर ‘‘बनाना बेहद खतरनाक” होगा क्योंकि इससे विश्वभर में लाखों आईफोन ग्राहकों की डिजिटल निजता को खतरा होगा.
न्याय मंत्रालय ने जज शेरी पिम से कहा, ‘‘एप्पल उस सॉफ्टवेयर को अपने पास रख सकती है और आदेश के पीछे का उद्देश्य पूरा होने के बाद उसे नष्ट भी कर सकती है, वह इसे एप्पल के बाहर वितरित करने से इंकार कर सकती है और दुनिया को यह स्पष्ट कर सकती है कि यह बिना विधिसम्मत कानूनी आदेशों के अन्य उपकरणों या प्रयोगकर्ताओं पर लागू नहीं होगा.”
मंत्रालय ने कहा, ‘‘यदि एप्पल इसे साझा नहीं करना चाहती है तो इस आदेश के चलते, एप्पल से बाहर के किसी भी व्यक्ति की पहुंच इस सॉफ्टवेयर तक नहीं होगी.” इसी बीच इस कानूनी लडाई की गूंज राष्ट्रपति पद के अभियान में भी सुनाई देने लगी है. रिपब्लिकन उम्मीदवारी के दावेदार डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकियों से अपील की है कि जब तक एप्पल अदालती आदेश का पालन नहीं करती है, तब तक उसका बहिष्कार किया जाये.