परमाणु मुद्दे पर ईरान के खिलाफ सेना का इस्तेमाल अंतिम विकल्प होगा : इस्त्राइल

यरुशलम : ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर सैन्य बल का इस्तेमाल अंतिम विकल्प बताते हुये इस्राइल के वायुसेना प्रमुख ने कहा कि अगर उन्हें ऐसा आदेश दिया जाता है तो उनका बल यह काम करने में सक्षम है. इस्राइली वायुसेना की कमान संभालने के तीन साल के बाद अपने पहले टेलीविजन साक्षात्कार में मेजर-जनरल आमिर […]

यरुशलम : ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर सैन्य बल का इस्तेमाल अंतिम विकल्प बताते हुये इस्राइल के वायुसेना प्रमुख ने कहा कि अगर उन्हें ऐसा आदेश दिया जाता है तो उनका बल यह काम करने में सक्षम है.
इस्राइली वायुसेना की कमान संभालने के तीन साल के बाद अपने पहले टेलीविजन साक्षात्कार में मेजर-जनरल आमिर इशेल ने इस्राइल के चैनल 10 को कल बताया है कि परमाणु क्षमता से लैस ईरान केवल इस्राइल के लिए नहीं, बल्कि समुचे पश्चिम एशिया के लिए खतरा है.
विदेशी रिपोर्टों के मुताबिक, 1981 में इराक के ओसिराक में स्थित परमाणु संयंत्र और 2007 में एक सीरियाई संयंत्र को नष्ट किये जाने की तर्ज पर इस्राइल वायु सेना द्वारा ईरानी परमाणु संयंत्रों पर हमला करने का आदेश नहीं दिये जाने पर पूछे गये सवाल के जवाब ने इशेल ने कहा कि खतरों से जूझने के लिए इस्राइल के पास उपकरणों की एक सीमा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि इन उपकरणों का इस्तेमाल अंतिम विकल्प है और अभी तक यह निर्णय नहीं लिया गया है.
उन्होंने कहा, मुझे क्षमता बनाने के लिए तैयारी करनी है ताकि अगर कोई निर्णय लिया जाता है तो उसे पूरा करने की हमारे पास वास्तविक क्षमता हो. यह हमारी भूमिका है. टीवी रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान पर संभावित हमला करने की तैयारी में इस्राइल ने जबरदस्त संसाधनों का उपयोग किया है.

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