चीन मुंबई आतंकी हमलों को दुर्भाग्यपूर्ण मानता है

बीजिंग: चीन के एक अधिकारी ने अपने पुराने सहयोगी देश की आलोचना करते हुए कहा कि बीजिंग पाकिस्तानी आतंकवादियांे द्वारा किए गए 2008 के मुंबई हमले को दुर्भाग्यपूर्ण महसूस कर रहा है और पाकिस्तान से उत्पन्न हो रहे आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की चिंताओं को कहीं अधिक रचनात्मक तरीके से लिये जाने का पक्षधर […]

बीजिंग: चीन के एक अधिकारी ने अपने पुराने सहयोगी देश की आलोचना करते हुए कहा कि बीजिंग पाकिस्तानी आतंकवादियांे द्वारा किए गए 2008 के मुंबई हमले को दुर्भाग्यपूर्ण महसूस कर रहा है और पाकिस्तान से उत्पन्न हो रहे आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की चिंताओं को कहीं अधिक रचनात्मक तरीके से लिये जाने का पक्षधर है.

चीनी विदेश मंत्रलय के एक रणनीतिक थिंक टैंक ‘चाइना इंस्टीट्यूट ऑफ कंटेम्पररी इंटरनेशनल रिलेशंस’ ने यहां भारतीय मीडिया से कहा, ‘‘चीन भी इसे काफी दुर्भाग्यपूर्ण महसूस कर रहा है. इसका मतलब यह नहीं है कि आतंकवादी हमलांे से उसे सहानुभूति है. यह कूटनीतिक रुप से दुर्भाग्यपूर्ण है. इस पेचीदे मुद्दे को कहीं अधिक कूटनीति तरीके से निपटने की जरुरत है.’’ खासतौर पर मामले के प्रमुख आरोपी एवं लश्कर ए तैयबा के सदस्य जकी उर रहमान लखवी को हाल में रिहा किए जाने के बारे में, आतंकवाद में पाकिस्तान की संलिप्तता पर चीन के दोहरे मानदंड पर सवाल पूछे जाने पर वह जवाब दे रहे थे.उन्होंने कहा, ‘‘चीनी कूटनीतिज्ञ अधिक परिपवक्व हो रहे हैं. चुनौती गैरदखलंदाजी वाली है.’’ इससे बाहर निकलने का एक रास्ता ढूंढना होगा.
हू ने कहा, ‘‘आतंकवाद पर भारत की चिंताओं को कही अधिक रचनात्मक तरीके से हल करना होगा।’’ उन्होंने पाक अधिकृत कश्मीर से लगे शिंजियांग में आतंकवाद का हवाला देते हुए कहा कि आतंकवाद से चीन को भी बहुत नुकसान पहुंचा है.’’ उन्हांेने कहा कि चीन ने पाकिस्तान के साथ आतंक रोधी सहयोग बढाया है. उन्होंने कहा, ‘‘हम सचमुच में बहुत प्रभावित हुए हैं, हालांकि हम अच्छे दोस्त हैं.’’

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