भारत की तकनीक का अमेरिका हुआ दिवाना

वॉशिंगटन: डिफेंस रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) ने बम ढूंढने की किट बनाकर अमेरिका का ध्‍यान अपनी ओर खींचा है. भारत के वैज्ञानिकों के द्वारा बनाई गई इस किट को अब अमेरिका भी बनाएगा और पूरी दुनिया में बेचेगा. अमेरिका के पूर्व रक्षा मंत्री विलियम एस. कोहेन ने इस तकनीक की जमकर तारीफ की. उन्होंने […]

वॉशिंगटन: डिफेंस रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) ने बम ढूंढने की किट बनाकर अमेरिका का ध्‍यान अपनी ओर खींचा है. भारत के वैज्ञानिकों के द्वारा बनाई गई इस किट को अब अमेरिका भी बनाएगा और पूरी दुनिया में बेचेगा. अमेरिका के पूर्व रक्षा मंत्री विलियम एस. कोहेन ने इस तकनीक की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि यह उलटी गंगा बहने का बेहतरीन उदाहरण है.

वॉशिंगटन में शुक्रवार को इस एक्सप्लोसिव डिटेक्शन किट (ईडीके) की लॉन्चिंग के मौके पर उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच टेक्नॉलजी के लेन-देन में यह बहुत अहम कदम साबित होगा. यह किट अमेरिका में बनी है, लेकिन इसकी तकनीक तैयार की है डिफेंस रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) ने. इसका पेटेंट भी भारत के पास है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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