वॉशिंगटन : अमेरिकी प्रशासन ने ओक क्रीक गुरुद्वारे में पिछले साल हुई गोलीबारी के प्रभावितों को 5 लाख डॉलर से अधिक राशि बतौर अनुदान देने का ऐलान किया है.इससे पहले सिख समुदाय ने इस त्रसद घटना की बरसी पर चार दिवसीय आयोजन शुरु किया.
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल एरिक होल्डर ने ब्लॉग में लिखा है ‘मुझेयह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अपराध पीड़ितों संबंधी कानून विभाग ने विस्कोन्सिन कानून विभाग को गोलीबारी के प्रभावितों के लिए 5,12,000 डॉलर से अधिक की आपात सहायता राशि देने की पेशकश की है. यह राशि इस गोलीबारी में मारे गए लोगों के परिजनों और जीवित बच गए लोगों के मानसिक स्वास्थ्य और आघात संबंधी सेवाओं के लिए होगी.
उन्होंने कहा कि इस अनुदान का मकसद परिवार के सदस्यों, गवाहों और पूरे ओक क्रीक समुदाय की सहायता करना है क्योंकि इन लोगों को पूरी तरह संयंम बरतते हुए नए सिरे से जीवन शुरु करना पड़ा. यह अत्यंत सराहनीय है.
होल्डर ने कहा है ‘सोमवार को इस त्रसदपूर्ण घटना को एक साल हो जाएगा. इस विवेकहीन कार्रवाई में छह सिख श्रद्धालु..सतवंत सिंह कालेका, परमजीत कौर, प्रकाश सिंह, रणजीत सिंह, सीता सिंह और सुवेग सिंह मारे गए थे.पिछले साल 5 अगस्त को एक बंदूकधारी ने ओक क्रीक स्थित गुरुद्वारे में प्रवेश कर अंधाधुंध गोलीबारी की थी. तब वहां ग्रंथी लॉबी में एकत्र थे और महिलाएं लंगर की तैयारी कर रही थीं. श्रद्धालुओं का आना जाना जारी था.
इस गोलीबारी में छह लोग मारे गए और एक पुलिस अधिकारी सहित छह अन्य घायल हो गए थे. पुलिस अधिकारी ओक क्रीक के लेफ्टिनेंट ब्रायन मरफी थे जिनको दूसरे पीड़ितों की मदद के दौरान 12 गोलियां लगी थीं.
होल्डर ने कहा कि ओक क्रीक पर हमला सिर्फ इसलिए झकझोरने वाला नहीं है क्योंकि यह भयावह था और इसमें छह लोगों की जान गई. यह हमला इसलिए झकझोरने वाला है क्योंकि यह एक धार्मिक स्थल पर हुआ, भाईचारे की जगह पर हुआ और सबसे बड़ी बात यह है कि यह हमला शांति स्थल पर हुआ.
