इस्लामाबाद: अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी नवनिर्वाचित नवाज शरीफ सरकार के साथ वार्ता शुरु करने के लिए एक दिवसीय यात्रा पर आज रात यहां पहुंच गए. केरी पाकिस्तान सरकार पर पड़ोसी देश अफगानिस्तान से अमेरिकी नेतृत्व वाले सैनिकों की वापसी से पूर्व आतंकवादियों के सुरक्षित पनाहगाहों को समाप्त करने का दबाव डालेंगे.
मीडिया में आज आयी खबरों के अनुसार, केरी को दो दिवसीय यात्रापर रविवार को ही यहां आना था लेकिन अंतिम समय में वह स्थगित हो गयी. द न्यूज अखबार ने अपनी ऑनलाइन खबर में लिखा है कि अमेरिकी नेता के समक्ष एक सम्मत एजेंडा उठाने की तैयारियों के तहत प्रधानमंत्री कार्यालय, विभिन्न मंत्रालयों और संस्थाओं में विभिन्न बैठक की गयीं. अमेरिकी विदेश मंत्री का पद संभालने के बाद केरी की यह पहली पाकिस्तान यात्रा है.
अपनी यात्रा के दौरान वह राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री नवाज शरीफ तथा सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कियानी से कल मुलाकात करेंगे. खबर में विदेश मंत्रलय के प्रवक्ता के हवाले से कहा गया है, मंत्री जॉन केरी की यात्रा दोनों पक्षों को परस्पर सहयोग और द्विपक्षीय हितों के मुद्दों पर विचार करने का बढ़िया अवसर देगी. उसमें लिखा है, यदि दोनों पक्ष सहमत होते हैं तो यात्रा के दौरान रणनीति वार्ता फिर से शुरु करने की संभावनाएं भी हैं. वार्ता में मुख्य जोर व्यापार, निवेश और उर्जा के क्षेत्र में सहयोग पर रहेगा. खबर के अनुसार, क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार होगा, विशेष तौर पर 2014 के बाद की स्थितियों के संदर्भ में.
