ममनून के भतीजों ने कहा ,चचाजान को पसंद है आगरा की बिरयानी

आगरा : ममनून हुसैन के पाकिस्तान के नये राष्ट्रपति निर्वाचित होने की खबर यहां पहुंचने पर यहां लोगों ने आतिशबाजी की और ढोल-नगाड़ों के साथ जमकर जश्न मनाया. यहां के मनटोला इलाके में पैदा हुए ममनून के पड़ोसी देश के शीर्ष पद पर पहुंचने की खुशी में लोगों ने मिठाइयां बांटी और खूब खुशियां मनायीं.लोग […]

आगरा : ममनून हुसैन के पाकिस्तान के नये राष्ट्रपति निर्वाचित होने की खबर यहां पहुंचने पर यहां लोगों ने आतिशबाजी की और ढोल-नगाड़ों के साथ जमकर जश्न मनाया.

यहां के मनटोला इलाके में पैदा हुए ममनून के पड़ोसी देश के शीर्ष पद पर पहुंचने की खुशी में लोगों ने मिठाइयां बांटी और खूब खुशियां मनायीं.लोग बड़े रोमांच और उत्साह के साथ हुसैन के संबंध में होने वाली घोषणा के बारे में बातचीत कर रहे थे. कुछ लोगों ने अल्लाह का शुक्रिया अदा किया और कहा कि उन्होंने उनकी फरियाद सुन ली.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के करीबी हुसैन वहां के 12 वें राष्ट्रपति चुने गये हैं. एकतरफा मुकाबले में उन्होंने अपने एक मात्र प्रतिद्वंद्वी को हराया.हुसैन का जन्म 1940 में आगरा में हुआ था और उनके परिवार के 1948 में पाकिस्तान चले जाने से पहले उनका बचपन यहीं बीता.

उनका परिवार अपनी हवेली और कई रिश्तेदारों को पीछे छोड़ पाकिस्तान चला गया था.मनटोला से सटे नाई की मंडी इलाके में छोटी हथई में उनकी पैतृक हवेली का कुछ हिस्सा अपने मूल रुप में अब भी वहां मौजूद है, जबकि कुछ अन्य हिस्से को आधुनिक रूप दे दिया गया है.

आह खबर सुनकर बहुत खुश हूं. हमारी फरियाद सुन ली गयी. उन्होंने कहा, मुझे बहुत उम्मीद है कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते सुधारने का हरसंभव प्रयास करेंगे क्योंकि उनका संबंध आगरा यानी अकबर के सुलह ए कुल के शहर से है.

खलीकजमन ने भी उम्मीद जतायी कि उनके चचाजान हुसैन के चचेरे भाई उस्मान कुरैशी साहिद नगर इलाके में रहते हैं. कुरैशी की बहन भी अपने बेटों-सीमाब आलम और खलीकजमन के साथ वहीं रहती हैं.

हुसैन के निवार्चन पर खुशी जाहिर करते हुए कुरैशी ने कहा, उनके के शीर्ष पद पर पहुंचने से दोनों देशों के बीच अमन और दोस्ती का नया युग शुरु होगा.

सीमाबा ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान में हुसैन के बड़े भाई अख्तर हुसैन और पत्नी से बातचीत कर इस निर्वाचन पर बधाई दी.

उन्होंने कहा कि अख्तर को यकीन है कि जब भी हुसैन भारत आयेंगे, आगरा जरूर आयेंगे.दोनों भतीजे याद करते हैं कि कैसे हुसैन को आगरा की बिरयानी पसंद है और जब भी फोन पर बातचीत होती है तो वह इसका जिक्र जरुर करते हैं. हुसैन करीब 25 साल पहले अपने रिश्तेदारों से मिलने आगरा आये थे.

सीमाब ने कहा, चचाजान को आगरा के मशहूर पेठा और दालमोठ का जायका भी अब तक याद है. इसी बीच ऑल इंडिया जमीयत उल कुरैशी ने उनके निर्वाचन की खबर पर मनटोटला तिराहे पर मिठाइयां बांटी.

संगठन के उपाध्यक्ष जमीलुद्दीन कुरैशी ने कहा, हमें आशा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच गहरा और सच्चा रिश्ता स्थापित होगा जिससे दोनों के बीच स्थायी दोस्ती का रास्ता साफ होगा.

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