मैनिंग जासूसी का दोषी, लेकिन दुश्मन की सहायता नहीं की

वाशिंगटन: अमेरिका के एक सैन्य न्यायाधीश ने आज अमेरिकी सिपाही ब्रैडली मैनिंग को दुश्मन की सहायता करने के गंभीर आरोप से बरी कर दिया लेकिन उसे जासूसी के कई आरोपों में दोषी ठहराया.25 वर्षीय मैनिंग ने अमेरिकी सरकार की कई गोपनीय जानकारियां भंडाफोड़ करने वाली वेबसाइट विकीलीक्स को दी थीं. सेना के पूर्व खुफिया अधिकारी […]

वाशिंगटन: अमेरिका के एक सैन्य न्यायाधीश ने आज अमेरिकी सिपाही ब्रैडली मैनिंग को दुश्मन की सहायता करने के गंभीर आरोप से बरी कर दिया लेकिन उसे जासूसी के कई आरोपों में दोषी ठहराया.25 वर्षीय मैनिंग ने अमेरिकी सरकार की कई गोपनीय जानकारियां भंडाफोड़ करने वाली वेबसाइट विकीलीक्स को दी थीं.

सेना के पूर्व खुफिया अधिकारी मैनिंग को व्हिसल ब्लोअर और गद्दार दोनों कहा गया क्योंकि उसने विकीलीक्स को करीब 700,000 गोपनीय सरकारी दस्तावेज भेजे थे. उसे यह जानते हुए भी गोपनीय दस्तावेज अवैध तरीके से जारी करने का दोषी ठहराया गया कि ये दस्तावेज आसानी से दुश्मन के हाथ लग सकते हैं.

सबसे गंभीर आरोपों से बरी होने के बावजूद मैनिंग को अभी भी जासूसी करने के कारण लंबे समय तक जेल में रहना पड़ सकता है. इस मामले में कल सजा सुनायी जा सकती है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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