लंदन : भारत में अमेरिका के एक पूर्व राजदूत ने कहा है कि 2008 के मुंबई आतंकी हमले के बाद वाशिंगटन ने आतंक रोधी मुद्दे पर दोनों देशों के बीच खुफिया सूचनाएं साझा की थी और जांच तथा हमले में शामिल लोगों की पहचान में मदद की थी.
इस सप्ताह हाउस ऑफ लार्डस कमेटी कक्ष में चर्चा आयोजित करने वाले इंडिया डिबेट फोरम की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, हमले के समय अमेरिकी दूत रहे डेविड सी मलफोर्ड ने यह भी पुष्टि की कि आतंकियों द्वारा इस्तेमाल किये गए उपकरण पाकिस्तान से संबंधित थे.
मलफोर्ड ने बताया कि हमलावरों और साजिशकर्ताओं द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल और सेटेलाइट फोन तथा उन्हें संचालित कर रहे लोग पाकिस्तान से संबंधित थे. हमले में शामिल लोगों के लिए डोजियर तैयार करने में अमेरिकी अधिकारियों ने भारतीय अधिकारियों की मदद की थी.
चर्चा में शामिल हुए भाजपा प्रवक्ता एमजे अकबर ने पाकिस्तान को ‘‘आतंकी देश’’ करार दिया जो आतंकवादियों को शरण दे रहा है.
