मुर्सी को सत्ता से हटाया जाना तख्तापलट नहीं : अमेरिका

वाशिंगटन : अमेरिका ने कहा है कि वह लोकतांत्रिक रुप से निर्वाचित मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी को सत्ता से बेदखल करने को अपने राष्ट्रीय हित में तख्तापलट घोषित नहीं करेगा तथा उसे वार्षिक 1.5 अरब सैन्य और आर्थिक सहायता के रुपमेंमदद मुहैया कराना जारी रखेगा. अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता जेन पेसाकी ने कल […]

वाशिंगटन : अमेरिका ने कहा है कि वह लोकतांत्रिक रुप से निर्वाचित मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी को सत्ता से बेदखल करने को अपने राष्ट्रीय हित में तख्तापलट घोषित नहीं करेगा तथा उसे वार्षिक 1.5 अरब सैन्य और आर्थिक सहायता के रुपमेंमदद मुहैया कराना जारी रखेगा.

अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता जेन पेसाकी ने कल कहा, हमारा मानना है कि हमारे कानून के अनुरुप मिस्र को सहायता मुहैया कराते रहना एक लोकतांत्रिक शासन के लिए जिम्मेदार परिवर्तन को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है. यह हमारे राष्ट्रीय हितों के अनुरुप भी है.

उन्होंने कहा, मिस्र क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक स्थिरता स्तंभ का काम करता है. मिस्र में स्थिरता और सफल लोकतांत्रिक परिवर्तन में अमेरिका का राष्ट्रीय हित है.

इस बीच काहिरा से मिली खबर के अनुसार मिस्र ने मोहम्मद मुर्सी को कथित रुप से उनके विरोधियों की रैलियों के दौरान आतंकवादियों को पुलिसकर्मियों की हत्या करने और जेल तोड़ने के लिए उकसाने को लेकर औपचारिक रुप से हिरासत में ले लिया.

मुर्सी कल एक अदालत में पेश हुए और अदालत ने उनकी हिरासत 15 दिन और बढ़ा दी. इसे लेकर देश में तनाव और बढ़ गया क्योंकि इस फैसले का समर्थन करने वाले और उन्हें सत्ता में बहाल करने की मांग वाले लोगों ने काहिरा और अन्य शहरों में प्रदर्शन किया.

संवाद समिमि मीना के अनुसार अलेक्जंेड्रिया शहर में भारी संख्या में पुलिस और सैन्यकर्मियों की तैनाती के बावजूद प्रतिद्वंद्वी प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में पांच लोगों की मौत हो गई.

सैन्य प्रमुख जनरल अब्दुल फतह अल सिसी के आह्वान पर करीब एक लाख मुर्सी विरोधी प्रदर्शनकारी तहरीर चौक पर एकत्रित हुए.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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