इस्लामाबाद : पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति चुनाव की तारीख पहले के समय से एक हफ्ते पहले करते हुए 30 जुलाई को कराने के आदेश दिए हैं. प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के निकट सहयोगी की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने रमजान के कारण चुनाव की तारीख पहले की है.
चुनाव पहले कराने के अदालत के फैसले से कई सांसदों को पवित्र महीना रमजान से जुड़ी रीतियों को पूरा करने में सहूलियत होगी जो इलेक्टोरल कॉलेज का हिस्सा हैं. चुनाव आयोग ने घोषणा की थी कि चुनाव छह अगस्त को होंगे जो मुस्लिम पवित्र महीने के 27वें दिन पड़ता है. पीएमएल-एन के अध्यक्ष रजा जफरुल हक ने कल दायर एक याचिका में अदालत से कहा कि चुनाव की तारीख में बदलाव की जाए. आज उम्मीदवारी पेश करने की अंतिम तिथि थी और सत्तारुढ़ पीएमएल-एन के मामनून हुसैन तथा पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के रजा रब्बानी ने इस्लामाबाद में नामांकन दाखिल किए.
कराची के प्रमुख व्यवसायी हुसैन पार्टी के पुराने चेहरे हैं और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विश्वासपात्र हैं. भारत के ऐतिहासिक शहर आगरा में 1940 में जन्मे हुसैन 1947 में विभाजन के बाद यहां आकर बस गए. चुने जाने की स्थिति में हुसैन पाकिस्तान के 11वें राष्ट्रपति होंगे. पूर्व क्रिकेटर इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ के शीर्ष पद के लिए वजीहुद्दीन अहमद को नामित किया है. स्वतंत्र उम्मीदवारों ने भी नामांकन दाखिल किया है.
नामांकन पत्रों की जांच के बाद उम्मीदवारों की अंतिम सूची 27 जुलाई को जारी की जाएगी. राष्ट्रपति का चुनाव चार प्रांतीय विधानसभाओं और राष्ट्रीय संसद द्वारा किया जाता है. सांसदों की वर्तमान संख्या के मुताबिक पीएमएल-एन के उम्मीदवार के जीतने की संभावना है.नामांकन पत्र भरने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए हुसैन ने विपक्ष से अपने पक्ष में वोट डालने की अपील की. उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं चुना जाता हूं तो मैं देश के संविधान के तहत काम करुंगा.’’ नए राष्ट्रपति आठ सितम्बर को शपथ ग्रहण करेंगे जो आसिफ अली जरदारी का स्थान लेंगे.
