अमेरिका ने अपने गुप्त निगरानी कार्यक्रम का बचाव किया

वाशिंगटन : अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुप्त निगरानी कार्यक्रम का बचाव करते हुए कहा कि उनका देश न तो अपनी खुफिया क्षमताओं का इस्तेमाल कभी विदेशी कंपनियों के राज जानने के लिए करता है और न ही किसी देश के प्रत्येक नागरिक की कही सभी बातों को सुनने के लिए. राष्ट्रीय खुफिया निदेशक […]

वाशिंगटन : अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुप्त निगरानी कार्यक्रम का बचाव करते हुए कहा कि उनका देश न तो अपनी खुफिया क्षमताओं का इस्तेमाल कभी विदेशी कंपनियों के राज जानने के लिए करता है और न ही किसी देश के प्रत्येक नागरिक की कही सभी बातों को सुनने के लिए.

राष्ट्रीय खुफिया निदेशक कार्यालय के वरिष्ठ अधिवक्ता रॉबर्ट लिट ने कहा, हम कभी अपनी खुफिया संग्रह क्षमताओं का इस्तेमाल अमेरिकी कंपनियों को प्रतिस्पर्धी लाभ पहुंचाने के मकसद से विदेशी कंपनियों के राज जानने के लिए नहीं करते. उन्होंने कहा, हम अपने खुफिया संग्रह का उपयोग किसी अन्य देश के नागरिक को उसकी राजनीतिक, धार्मिक या अन्य मान्यताओं के कारण दबाने के मकसद से नहीं करते.

अमेरिका की विदेशी खुफिया जानकारी संग्रह से जुड़े दो कार्यक्रमों, टेलीफोनी मेटाडाटा और प्रिज्म कार्यक्रम की जानकारी उजागर होने के बाद दिए गए अपने इस भाषण में लिट ने जोर देकर कहा कि ये कार्यक्रम अवैध नहीं हैं.

उन्होंने कहा, ये कार्यक्रम अवैध नहीं हैं. अमेरिकी संसद ने इसकी अनुमति दी थी और संसदीय खुफिया और न्यायिक समितियां इनकी ध्यानपूर्वक निगरानी करती हैं. विदेशी खुफिया निगरानी अदालत की मंजूरी और उसकी देखरेख में ही ये कार्यक्रम संचालित हुए.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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