जिनेवा : आइएसआइएस के आतंक की चर्चा पूरी दुनिया में है. आइएस से लौटे जिहादियों पर भी भारत सहित विभिन्न देशों में काफी हंगामा बरप रहा है. लेकिन स्विटजरलैंड ने अपने यहां वापस लौटे एक आइएस जिहादी को जेल भेजने के बजाय सामुदायिक सेवा कर सुधरने का मौका उपलब्ध कराया है.
इस्लामिक स्टेट गुट में भर्ती होने के बाद वापस आए एक युवक को 600 घंटे सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया है और उसे जेल नहीं भेजा जाएगा. देश ने पहली बार विदेशी जिहादी लड़ाके को सजा सुनायी है. स्विटजरलैंड के अटार्नी जनरल माइकल लौबर का यह आदेश इस सप्ताह से प्रभावी होगा. उन्होंने कल सार्वजनिक प्रसारक आरटीएस को यह जानकारी दी.
इस्लाम अपना चुका 30 वर्षीय युवक पिछले साल आइएस प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने के लिए सीरिया गया था. युवक का नाम नहीं बताया गया है. उसने प्रसारक को बताया कि इंटरनेट से वह इस गुट के बारे में अवगत हुआ था. उसने कहा, ‘‘मैं इस्लाम से अवगत हुआ. मैंने ऑनलाइन वीडियो और चर्चाएं देखीं और मुङो लगा कि वहां जाना चाहिए.’’ आरटीएस के मुताबिक, दो सप्ताह तक प्रशिक्षण शिविर में रहने के बाद उसे वापस जाने को कहा गया.
