कोलंबो : अगले महीने के मध्यावधि चुनाव से पहले श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को आज एक और राजनीतिक झटका लगा जब भारतीय मूल के तमिलों का प्रतिनिधित्व करने वाले दलों के दो मंत्रियों के विपक्षी खेमे में चले जाने से वह संसद में अपनी सरकार का दो-तिहाई बहुमत गंवा बैठे.
भारतीय मूल के तमिलों का प्रतिनिधित्व करने वाले दलों से दो उपमंत्री पी दिगम्बरम और वी राधाकृष्णन ने कहा कि वह विपक्ष के साझा उम्मीदवार मैथ्रीपाला सिरिसेना के पक्ष में सरकार छोड रहे हैं.
राजपक्षे मध्यावधि चुनाव की घोषणा कर तीसरे कार्यकाल के वास्ते निर्वाचित होने के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं. आठ जनवरी को यह चुनाव है. तीसरी बार सत्ता पाने के आत्म-विश्वास के भरोसे ही राजपक्षे ने यह चुनाव निर्धारित समय से दो साल पहले कराने का फैसला किया था.
राजपक्षे के सत्तारुढ यूनाइटेड फ्रीडम अलायंस के पास 225 सदस्यीय एसेम्बली में 161 सीटें थीं जो घटकर अब 149 रह गयी हैं. यह दो तिहाई बहुमत से एक सीट कम है. चुनाव का ऐलान करने के बाद से राजपक्षे अबतक 13 दल-बदल का झटका झेल चुके हैं. ऐसा करने वालों में पांच कैबिनेट मंत्री और तीन उप-मंत्री भी शामिल हैं.
