मलेशिया के कुआलालंपुर की ‘कैंपसाइट’ पर हुए भूस्खलन में 16 लोगों की मौत, 17 लापता

जिला पुलिस प्रमुख सुफियन अब्दुल्ला ने बताया कि मृतक संख्या बढ़कर 16 हो गई, जिसमें पांच साल का एक बच्चा भी शामिल है. घटना में घायल हुए सात लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बचावकर्मी करीब 17 लोगों की तलाश में जुटे हैं. उन्होंने बताया कि अन्य 53 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है.

कुआलांलपुर : मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर के बाहरी इलाके में एक पर्यटक शिविर स्थल पर गुरुवार देर रात हुए भूस्खलन में 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 अन्य लापता बताए जा रहे हैं. जिला पुलिस प्रमुख सुफियन अब्दुल्ला ने बताया कि कुआलालंपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर मध्य सेलांगोर के बतांग काली में एक ‘कैंपसाइट’ पर भूस्खलन हुआ. ऐसा माना जा रहा है कि घटना के समय वहां करीब 94 लोग मौजूद थे. ‘कैंपसाइट’ ऐसे स्थान को कहते हैं, जहां लोग समय बिताने के लिए तंबू लगाकर रहते हैं. स्थानीय लोगों के बीच ऐसे स्थान काफी लोकप्रिय हैं.

जिला पुलिस प्रमुख सुफियन अब्दुल्ला ने बताया कि मृतक संख्या बढ़कर 16 हो गई, जिसमें पांच साल का एक बच्चा भी शामिल है. घटना में घायल हुए सात लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बचावकर्मी करीब 17 लोगों की तलाश में जुटे हैं. उन्होंने बताया कि अन्य 53 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है. खोज एवं बचाव अभियान में करीब 400 कर्मी जुटे हैं.

सेलांगोर के दमकल विभाग के अनुसार, देर रात दो बजकर 24 मिनट पर घटना की सूचना मिलने के करीब आधे घंटे बाद ही दमकलकर्मी मौके पर पहुंचने लगे. करीब तीन एकड़ क्षेत्र में भूस्खलन हुआ.

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समाचार एजेंसी ‘बर्नामा’ ने कुछ तस्वीरें साझा की हैं, जिसमें बचावकर्मी तड़के अंधेरे में टॉर्च की रोशनी में मलबा हटाते दिख रहे हैं. उसने एक वीडियो भी साझा किया है, जिसमें कर्मी मौके से बचाए गए लोगों को नजदीक के एक थाने में ले जाते दिख रहे हैं.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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