संयुक्त राष्ट्र: इबोला के रोकथाम के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है. इसके बावजूद भी इबोला का खतरा बढ़ता जा रहा है. प्रभावित देशों से आने वाले लोगों पर कड़ाई से प्रतिबंध लगाया जा रहा है. इसके बावजूद भी इबोला का खतरा बढ़ता जा रहा है.संयुक्त राष्ट्र मिशन के प्रमुख ने कहा है कि इबोला बीमारी की रोकथाम की दिशा में जारी उपायों के बावजूद इसका प्रसार बढता जा रहा है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पश्चिम अफ्रीका में सभी प्रभावित देशों में मदद के लिए आगे आने को कहा है.
रोकथाम के बावजूद तेजी से बढ़ रहा है इबोला
संयुक्त राष्ट्र: इबोला के रोकथाम के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है. इसके बावजूद भी इबोला का खतरा बढ़ता जा रहा है. प्रभावित देशों से आने वाले लोगों पर कड़ाई से प्रतिबंध लगाया जा रहा है. इसके बावजूद भी इबोला का खतरा बढ़ता जा रहा है.संयुक्त राष्ट्र मिशन के प्रमुख ने कहा है […]

इबोला इमरजेंसी रिस्पांस के लिए संयुक्त राष्ट्र मिशन (यूएनएमईईआर) के प्रमुख एंथनी बेनबरी ने 15 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को बताया कि वह काफी चिंतित हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा उठाए गए कदम इस जानलेवा बीमारी को रोकने में पूरी तरह से कारगर नहीं है.
उन्होंने कहा, ‘‘यह हमसे काफी आगे है. यह हमसे तेज भाग रहा है और मुकाबला जीतता जा रहा है. अगर इबोला को जीत मिलती है तो हम संयुक्त राष्ट्र के लोग बहुत कुछ हार जाएंगे.
’’ बेनबरी ने घाना स्थित अभियान मुख्यालय से वीडियो लिंक के जरिए कल परिषद से कहा, ‘‘या तो हमें अब इबोला को रोकना होगा ,नहीं तो हमें ऐसे अभूतपूर्व हालात से दो चार होना पडेगा जिसके लिए हमारे पास कोई योजना नहीं है.’’
बेनबरी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) की सिफारिशों को भी दोहराया जिसमें कहा गया है कि बीमारी पर रोकथाम के लिए एक अक्तूबर से 60 दिन के भीतर सभी संक्रमित लोगों में से 70 प्रतिशत अस्पताल में होने चाहिए तथा बीमारी से जान गंवाने वाले 70 प्रतिशत लोगों को सुरक्षित तरीके से दफनाया जाना चाहिए.उन्होंने आगाह किया कि एक दिसंबर की तय सीमा तक ऐसा नहीं होता है तो इबोला प्रभावितों की संख्या बेतहाशा बढेगी और सभी तरह की कवायद बेकार हो जाएगी.