शंघाई:चीन की सेना भले दुनिया की सबसे बड़ी सेना हो, लेकिन वह युद्ध जीतने का कौशल नहीं जानती. यह किसी और ने नहीं, चीन की सेना के मुखपत्र में रविवार को छपी एक रिपोर्ट में कहा गया है. अखबार के प्रथम पृष्ठ पर दस्तावेज के आधार पर छपी रिपोर्ट में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की सैन्य इकाइयों की 40 खामियों के बारे में बताया गया है.
कहा गया है कि चीन को ‘शांति की बीमारी’ से बाहर निकलना होगा. इसी शांति के कीड़े की वजह से सेना की तैयारियां कमजोर पड़ गयी हैं. पत्र ने कहा है कि विदेशी सैन्य बलों के साथ संयुक्त युद्ध अभ्यास के दौरान सेना, वायुसेना और नौसेना के जवानों और अधिकारियों की खामियां सामने आयीं. इसे जल्द से जल्द दूर करना होगा.
अखबार ने कहा कि यदि चीनी सेना के युद्ध कौशल की खामियों को दूर नहीं किया गया, तो दुनिया की सबसे बड़ी सेना युद्ध में हर मोरचे पर नाकाम साबित होगी. ज्ञात हो कि चीन को सुपर पावर बनाने और जल, थल और वायु में प्रभुत्व स्थापित करने का सपना देख रहे राष्ट्रपति शी जिनपिंग 23 लाख सैनिकों और सैन्यकर्मियों के आधुनिकीकरण पर जोर दे रहे हैं.
