जेद्दा : इस साल हज के दौरान तकरीबन 80 हिंदुस्तानियों की मौत हो गई और ज्यादातर की मौत बीमारियों से या बुढापे की दिक्कतों से हुई. भारत के वाणिज्य महादूत बीएस मुबारक ने बताया, ‘‘अभी तक हज यात्रा के दौरान 77 हिंदुस्तानी हाजियों की मौत हुई. एक शख्स को छोड कर सभी की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई.’’
मुबारक ने बताया, ‘‘एक शख्स की मौत हज यात्रा के शुरुआती दिनों में एक लिफ्ट हादसे में हुई और मृतक तमिलनाडु के हैं.’’ भारतीय वाणिज्य महादूत ने बताया, ‘‘देश के 100 से ज्यादा अन्य हजयात्राियों को विभिन्न चिकित्सीय शिकायतों के लिए विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया.’’ इस साल 13, 89,053 विदेशी यात्रियों समेत 20,85,238 लोगों ने हज किया जो कुल मिला कर दिक्कतों से मुक्त था.
इस बीच, भारतीय हाजियों ने वतन वापस होना शुरु कर दिया. नौ अक्तूबर को 235 हाजियों का पहला जत्था कोलकाता रवाना हुआ. हज समिति के मार्फत आए 49000 भारतीय हाजी मदीना से रवाना होंगे जबकि बाकी 51000 भारतीय हाजी पहले ही मदीना जा चुके हैं और वे जेद्दा से रवाना होंगे. कुछ हाजियों को दिक्कत महसूस हो रही है. उन्हें विशेष इंतजाम से भेजा जाएगा. निजी टूर आपरेटरों के मार्फत आए 36000 हाजी आपरेटरों के तय कार्यक्रम के अनुरुप मदीना या जेद्दा से वतन वापस होंगे.
