आतंकवाद से निपटने के लिए भारत और अमेरिका को एकदूसरे की जरूरत

ह्यूस्टन: भारत और अमेरिका को ‘स्वाभाविक साङोदार’ करार देते हुए एक शीर्ष अमेरिकी सांसद ने कहा है कि अमेरिका भारत को नजरअंदाज नहीं कर सकता और दोनों देशों को आतंकवाद के बढते खतरे से निबटने के लिए एक दूसरे की जरुरत है. सीनेट सदस्य जॉन कोर्निन ने इंडो अमेरिकन चैम्बर ऑफ कॉमर्स ऑफ ग्रेटर ह्यूस्टन […]

ह्यूस्टन: भारत और अमेरिका को ‘स्वाभाविक साङोदार’ करार देते हुए एक शीर्ष अमेरिकी सांसद ने कहा है कि अमेरिका भारत को नजरअंदाज नहीं कर सकता और दोनों देशों को आतंकवाद के बढते खतरे से निबटने के लिए एक दूसरे की जरुरत है.

सीनेट सदस्य जॉन कोर्निन ने इंडो अमेरिकन चैम्बर ऑफ कॉमर्स ऑफ ग्रेटर ह्यूस्टन के एक वार्षिक समारोह में 600 से अधिक व्यापारियों एवं इस समुदाय के नेताओं केा संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका भारत को नजरअंदाज नहीं कर सकता और दोनों देशों को आतंकवाद के बढते खतरे से निबटने के लिए एक दूसरे की जरुरत है.
कोर्निन ने बेहद महत्वपूर्ण अमेरिका भारत साङोदारी को मजबूत करने के लिए चैम्बर की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों राष्ट्रों के बीच वैचारिक बंधन वैश्विक मंच पर प्राकृतिक सहयोगियांे के तौर पर एक ताकतवर साङोदारी में बदलेगा.
सफल मंगल मिशन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ह्यूस्टन में नासा के साथ साङोदारी का अवसर नजर आया है. उन्होने कहा कि सच्चाई यह है कि अमेरिका और भारत स्वाभाविक साङोदार हैं. वर्ष 2004 में उन्होंने और तत्कालीन अन्य सीनेट सदस्य हिलेरी क्लिंटन ने अमेरिका भारत द्विपक्षीय संबंध को आगे बढाने के लिए सीनेट इंडिया कॉकस की स्थापना की थी.

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