हर 40 सेकेंड में हो रही है एक आत्महत्या

नयी दिल्ली : आत्महत्या को सभी आयु वर्ग में दुनिया में मृत्यु के 20 प्रमुख कारणों में बताते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि दुनिया में प्रत्येक 40 सेकेंड में कहीं न कहीं कोई व्यक्ति आत्महत्या करता है. डब्ल्यूएचओ हर वर्ष 10 सितंबर को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस का आयोजन करता है. डब्ल्यूएचओ […]

नयी दिल्ली : आत्महत्या को सभी आयु वर्ग में दुनिया में मृत्यु के 20 प्रमुख कारणों में बताते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि दुनिया में प्रत्येक 40 सेकेंड में कहीं न कहीं कोई व्यक्ति आत्महत्या करता है. डब्ल्यूएचओ हर वर्ष 10 सितंबर को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस का आयोजन करता है.

डब्ल्यूएचओ की दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र की क्षेत्रीय निदेशक डा. पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा कि मृत्यु के 20 प्रमुख कारणों में आत्महत्या शामिल है और यह प्रवृत्ति सभी आयु वर्ग में देखी गयी है. हर 40 सेकेंड में दुनिया में कहीं न कहीं कोई व्यक्ति आत्महत्या कर रहा है. उन्होंने कहा कि मानसिक बीमारी, अवसाद, शराब का सेवन, दुर्व्यवहार, हिंसा, सांस्कृतिक एवं सामाजिक पृष्ठभूमि आत्महत्या के खतरे के आयामों से जुडे अहम कारक बन कर उभरे हैं.

डब्ल्यूएचओ के आकलन के अनुसार, अमीर देशों में महिलाओें की तुलना में तीन गुणा अधिक पुरुष आत्महत्या कर रहे हैं. मध्यम आय वर्ग वाले देशों में महिला एवं पुरुषों के आत्महत्या करने का अनुपात 1:1.5 है. अधिकांश देशों में 70 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों में आत्महत्या के मामले सबसे अधिक देखे गए हैं हालांकि 15 से 29 आयु वर्ग में भी इस चलन में वृद्धि देखी जा रही है. खेत्रपाल ने बताया कि दुनिया भर में आत्महत्या को रोकने के लिए किये जा रहे उपाय पर्याप्त नहीं है और जागरुकता का अभाव एक अहम समस्या है.

फोर्टिस हेल्थ केयर के डा. समीर पारिख ने कहा कि आत्महत्या का एक प्रमुख कारण आवेग में किया गया फैसला है. इसका एक प्रमुख कारण मानसिक बीमारी है और कई लोग कमजोरी एवं उपेक्षा की वजह से भी आत्महत्या कर रहे हैं. इस बारे में जागरुकता फैलाने की जरुरत है.

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