पाक के राजनैतिक संकट के बीच अमेरिका ने मध्यस्थता से किया इनकार
वाशिंगटन: पाकिस्तान में बढ़ते राजनैतिक संकट के बीच अमेरिका ने मध्यस्थता से साफ इनकार कर दिया है. अमेरिका ने सभी पक्षकारों से कहा है कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीकों से अपने मतभेद सुलझाएं. विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता जेन साकी ने बताया, हम किसी भी तरह वहां के पक्षों के बीच चर्चा या प्रक्रिया में […]
वाशिंगटन: पाकिस्तान में बढ़ते राजनैतिक संकट के बीच अमेरिका ने मध्यस्थता से साफ इनकार कर दिया है. अमेरिका ने सभी पक्षकारों से कहा है कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीकों से अपने मतभेद सुलझाएं.
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता जेन साकी ने बताया, हम किसी भी तरह वहां के पक्षों के बीच चर्चा या प्रक्रिया में शामिल नहीं हैं. वह पाकिस्तान के मौजूदा राजनैतिक संकट से जुडे सवालों के जवाब दे रही थीं जहां क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का इस्तीफा मांग रहे हैं. उनका आरोप है कि पिछले साल हुए आम चुनावों में धोखाधडी की गई.
साकी ने कहा, हम वहां की स्थितियों का कोई वास्तविक विश्लेषण नहीं दे सकते. बस हम अपना यह मत दोहरा रहे हैं कि विभिन्न पक्षों को शांतिपूर्ण वार्ता और ऐसे तरीकों से मिलकर मतभेद सुलझाने चाहिए, जिनसे पाकिस्तान का लोकतंत्र और कानून का शासन मजबूत हो.
पाकिस्तान में शिया समुदाय के खिलाफ अभियान शुरु करने की अपील लोगों से करने वाले पर्चों के वितरण के बारे में मीडिया में आई खबरों पर साकी ने कहा, मेरे पास इसकी कोई पुष्टि नहीं है. मैं आश्वस्त हूं कि आप इन घटनाओं को करीब से देख रहे हैं. मुझे लगता है कि इस खतरे से निपटने के लिए हमारा प्रयास दुनिया के किसी विशेष हिस्से तक सीमित नहीं है.
यही वजह है कि विदेश मंत्री अपने कई समकक्षों से बातचीत कर रहे हैं. यह बातचीत सिर्फ उन देशों में नहीं है, जो सीधे इराक या सीरिया के पास हैं बल्कि ये देश दुनिया में कहीं भी हो सकते हैं, जो आईएसआईएल के खतरे को लेकर चिंतित हैं.
थिंक टैंक अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टीट्यूट ने कहा कि पाकिस्तान गंभीर राजनैतिक संकट की चपेट में है, जो मौजूदा सरकार के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा पेश कर रहे हैं और इसके चलते देश की ताकतवर और पहले राजनैतिक रुप से सक्रिय रह चुकी सेना को नागरिक सरकार की कीमत पर एक बार फिर से अपनी जमीन तलाशने का अवसर मिल गया है.