संयुक्त राष्ट्र: गाजा के वर्तमान संकट पर भारत ने भी अपनी चिंता व्यक्त की है. भारत ने कहा है कि गाजा के संकट को बातचीत के जरिये सुलझाया जा सकता है. भारत गाजा में जारी संकट को हरसंभव सुलझाने की कोशिश कर रहा है. भारत ने कहा उसके लोगों के समक्ष जो मुद्दे हैं उनके प्रभावी समाधान का ‘‘एकमात्र व्यावहारिक विकल्प’’ बातचीत ही है.
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि अशोक मुखर्जी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा, ‘‘हम महासचिव बान की मून के आज सुबह दिये उस बयान का पूरी तरह से समर्थन करते हैं कि गाजा में हम जिस तरह का संकट देख रहे हैं उसे केवल बातचीत के जरिये राजनीतिक तरीके तथा बाचतीत करने वाले पक्षों के बीच राजनीतिक इच्छाशक्ति और नेतृत्व से ही सुलझाया जा सकता है.’’ इस्राइल और हमास के बीच 72 घंटे का संघर्षविराम मंगलवार को प्रभाव में आया था तथा इससे एक महीने के संघर्ष के बाद दोनों ओर से हजारों लोगों को राहत मिली है जिसमें करीब 1,900 फलस्तीनी और इस्राइल में 67 लोग मारे गए हैं.
मुखर्जी ने कहा कि भारत को गाजा की वर्तमान स्थिति को लेकर ‘‘काफी चिंता’’ है और वह संघर्षविराम जारी रखने के लिए किये जाने वाले सभी तरह से प्रयासों का समर्थन करता है.
