नयी दिल्लीः बांग्लादेश लेखिका तसलीमा नसरीन भारत में रहने की योजना बना रही है. उन्हें उम्मीद है कि भारत में उन्हें रेजिडेंट परमिट मिल जायेगा. उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि अगर अब बांग्लादेश में प्रवेश की इजाजत मिल भी जाती है तो मैं भारत में रहनापसंद करूंगी. मैं अपनी बाकि की जिंदगी यहा बिताना चाहती हूं. भारत को चुनने का सबसे बड़ा कारण यहां की सांस्कृतिक समानता है.
तसलीमा ने कहा कि बांग्लादेश से ज्यादा मेरे दोस्त भारत में है. मेरे देश और मेरे बीच रिश्ता टूट चुका है वहां के प्रकाशकों और लोगों ने भी मुझसे संपर्क बनाये रखने की कोशिश नहीं की. इस देश में मुझे बहुत प्यार मिला. रिश्तेदारों से ज्यादा वह लोग अहम रखते है जो आपके सिद्धांतों को समझते है . उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि गृह मंत्री ने मुझसे कहा है कि वह मुझे रिजडेंट परमिट देंगे और मैं यही रहूंगी. गौरतलब है कि तसलीमाने रेजिडेंट परमिट के लिए आवेदन दिया था लेकिन उन्हें दो महीने का वीजा मिला.
पिछले 25 साल में मेरे साथ इतनी नाइंसाफी हुई, लेकिन अब मैं भारत में चैन से जीना चाहती हूं. हालांकि उन्होंने नागरिकता के सवाल पर कहा कि मैं रेजिडेंट परमिट चाहती हूं अगर मैं यहा कि नागरिकता लेती हूं तो युरोप की नागरिकता छोड़नी होगी. मैं चाहती हूं कि अगर कोई समस्या हो तो एक जगह बचे जहां मैं जा सकूं.
