नयी दिल्ली : इराक में बिगड़ते स्थिति से पूरी दुनिया चिंतित है. यहां आतंकियों द्वारा मचाये जा रहे कोहराम का असर लगभग उन सभी देशों में देखने को मिल रहा है जो तेल के आयातक हैं. भारत की भी कई नर्सें आइएसआइएस आतंकी संगठन के कब्जे में हैं.इराक में बिगडते हालात के बीच वहां के एक लेखक ने अपने गल्प लेखन के माध्यम से युद्धग्रस्त देश के अंदरुनी हालात को दिखाने की ऐसी कोशिश की है जैसी पहले कभी नहीं की गई.
लेखक-फिल्मकार हसन ब्लासिम की किताब ‘द कोर्प्स एक्जिबिशन एंड अदर स्टोरीज ऑफ इराक’ वास्तव में इराकी नजरिए से इराक युद्ध पर लिखी गयी पहली बडी साहित्यिक रचना है.अरबी भाषा से जोनाथन राइट द्वारा अनुवाद की गई यह किताब पहले कभी नहीं सुनी गयी 14 युद्ध कहानियों का संग्रह है. इस किताब में ना केवल इराक के सैनिकों एवं हत्यारों, बंधकों एवं कार बम हमलावरों, शरणार्थियों एवं आतंकवादियों से जुडी कहानियां हैं बल्कि बल्कि कट्टरपंथियों एवं पैगंबरों, फरिश्तों एवं जिन्नों, ओझाओं एवं आत्माओं से जुडी कथित दुनिया भी पेश की गयी है.
ब्लासिम को ‘संभवत: अरबी गल्प लेखन का सर्वश्रेष्ठ लेखक’ माना जाता है. पेंगुइन द्वारा प्रकाशित यह किताब कल्पनाओं की उडानों के साथ चौंकाने वाले यथार्थ का मिश्रण है. किताब में डरावनी सच्चाई पेश करती कहानियां हैं जो इराक के अबु गरैब जेल की तस्वीरों जैसी ही भयावह हैं और जिन्हें नजरअंदाज करना मुश्किल है लेकिन इन्हें हास्य के एक अलग पुट के साथ पेश किया गया है.
