बगदाद के उत्तर में स्थित बैजी शहर के बाहर इराक के सबसे बड़े रिफाइनरी पर कब्जे के लिए सेना और इसलामिक स्टेट ऑफ इराक एंड द लेवैंट (आइएसआइएस) के बीच जंग चल रही है. लोग दहशत में हैं. दूसरी तरफ, बैजी से कुछ मील की दूरी पर चरमपंथी अपने साथियों के लिए जीवनसाथी की तलाश कर रहे हैं.
बैजी शहर पर पूर्ण नियंत्रण रखनेवाले चरमपंथी घर-घर जाकर विवाहित और अविवाहित महिलाओं के बारे में लोगों से पूछ रहे हैं. वे कहते हैं कि बड़ी संख्या में उनके मुजाहिदीन अविवाहित हैं. उनके निकाह के लिए कुंवारी लड़की की जरूरत है. महिलाओं के विवाहित होने की पुष्टि करने के लिए वे महिलाओं का पहचान पत्र चेक करते हैं.
यहां बताना प्रासंगिक होगा कि वर्ष 2008 और 2008 के बीच जब अल कायदा ने इराक में सुन्नी-शिया गृह युद्ध छेड़ा था, तब भी उसने बड़ी संख्या में अपने लड़ाकों का स्थानीय महिलाओं से निकाह कराया था. तब सुन्नी समुदाय के एक युवा ने कहा था कि वह अल कायदा का साथ देने के बजाय अमेरिकी सैनिकों के साथ रहना पसंद करेगा, क्योंकि अमेरिका के साथ उसके जीवन की गारंटी होगी.
आइएसआइएस ने अपने लोगों को निर्देश दिया है कि सुन्नी समुदाय के लोगों को कोई परेशान न करे. लेकिन, शहरों पर कब्जे के साथ चरमपंथियों ने अपना रुतबा दिखाना शुरू कर दिया है. मोसुल शहर पर कब्जे के तत्काल बाद उन्होंने चेक प्वाइंट्स को हटा दिया.
व्यापारियों और किसानों को अपने सामान की कीमतें कम करने के आदेश दिये. मोसुल में अपने पति के साथ जा रही एक महिला को सिर्फ इसलिए चाबुक से मारा, क्योंकि उसने स्कार्फ पहन रखी थी, बुरखा नहीं. कई शहरों में चरमपंथियों ने महिलाओं के कपड़े पहनने के ढंग, कॉफी शॉप में टीवी देखने, सिगरेट पीने आदि संबंधी कई सख्त नियम बना दिये हैं.
