ओंटारियो में मिला दो साल से बेडरुम में बंद कुपोषित बालक

टोरंटो : दस साल का एक कुपोषित बालक कनाडा के ओंटारियो स्थित मकान के तालाबंद बेडरुम में बेहद गंदगी वाली स्थिति में पाया गया. अधिकारियों का आरोप है कि बालक को उसके रिश्ते के चाचा चाची ने वहां पिछले दो साल से बंद करके रखा था. अधिकारियों ने बताया कि लडके को दिन में दो […]

टोरंटो : दस साल का एक कुपोषित बालक कनाडा के ओंटारियो स्थित मकान के तालाबंद बेडरुम में बेहद गंदगी वाली स्थिति में पाया गया. अधिकारियों का आरोप है कि बालक को उसके रिश्ते के चाचा चाची ने वहां पिछले दो साल से बंद करके रखा था. अधिकारियों ने बताया कि लडके को दिन में दो बार फास्ट फूड खाने को दिया जाता था और फिर उसे रोज लंबे समय के लिए अकेला छोड दिया जाता था. वह स्कूल नहीं गया और बहुत सीमित अंग्रेजी बोलता है.

बच्चों की मदद के लिए बनी चिल्ड्रन्स एड सोसाइटी ने पुलिस को लडके के बारे में सूचित किया था. लंदन पुलिस के जासूस केविन हेसलोप ने कहा कि इस सोसाइटी को लोगों से बच्चे के बारे में सूचना मिली थी. जब पुलिस इस मकान पर पहुंची तो उसने देखा कि बालक एक बेडरुम में बंद था और खाद्य सामग्री का कचरा तथा मल वहां बिखरा हुआ था. हेसलोप ने कहा, ‘‘बच्चे का पजामा और पूरा पलंग पेशाब से गीला था. पूरे मकान में बचा हुआ भोजन बिखरा पडा था.’’ हेसलोप के अनुसार ‘‘बच्चा बेहद उलझन में और व्यथित था लेकिन अब वह काफी हद तक ठीक है.’’ बच्चे को गुरुवार को अस्पताल ले जाया गया. जांच में पता चला कि उसका वजन सामान्य से कम है और वह कुपोषित है. बाद में उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और अब वह चिल्ड्रन्स एड सोसाइटी की देखरेख में है.

अधिकारियों ने कहा कि कमरे में ही सटा हुआ स्नानघर होने की वजह से बच्चा शौचालय जा सकता था लेकिन पूरा मकान गंदगी से भरा था. हेसलोप ने कहा, ‘‘यह बहुत भयावह मामला है और जाहिर तौर पर यह सभी को दुखी करने वाला है.’’ लडके के संरक्षक उसके चाचा चाची को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया. इस दंपति पर बालक को जबरन बंद कर रखने और मूल सुविधाएं तक उपलब्ध न करवा पाने का मामला दर्ज किया गया.

एक संरक्षक इसी मकान में रह रहा था और उसका अपना नौ साल का बच्चा है. उस बच्चे को भी अब चिल्ड्रन्स एड सोसाइटी के संरक्षण में रखा गया है. पुलिस ने कहा कि इस दंपति के खिलाफ पहले कोई मामला नहीं है. हेसलोप ने कहा कि लडके के जैविक माता-पिता कनाडा में नहीं हैं और वह 2010 में कनाडा आने के बाद से ही अपने चाचा चाची के साथ रह रहा था. पुलिस अभी तक लडके के माता-पिता से संपर्क नहीं कर पाई है और वह इस बात का खुलासा नहीं करेगी कि वे अभी कहां रह रहे हैं या लडके का जन्म कहां हुआ था.लंदन चिल्ड्रन्स एड सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक जेन ने कहा कि वह इस बच्चे को बचाए जाने को लेकर बेहद खुश हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बच्चे को समझने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन मैं आपको बता सकती हूं कि वह सबसे ज्यादा जो चीजें चाहता है, उनमें नियमित रुप से भोजन और स्कूल जाना शामिल है.’’

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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