यरुशलम : पोप फ्रांसिस ने यरुशलम के आज अल अक्सा मस्जिद परिसर की यात्रा के दौरान इसाइयों, यहूदियों और मुसलमानों से न्याय एवं शांति के लिए ‘‘मिलकर काम करने’’ को कहा.अल अक्सा मस्जिद इस्लाम का तीसरा सबसे पवित्र स्थल है. उन्होंने विशाल चौक से कहा, ‘‘ हम न्याय एवं शांति के लिए मिलकर काम करें.’’ इस चौक को यहूदी भी पवित्र मानते हैं क्योंकि यह ऐसा स्थल है जहां एक समय दो यहूदी मंदिर थे.
पोप ने यरुशलम के मुख्य मुफ्ती के साथ परिसर का दौरा किया. इस दौरान कैथोलिक और मुस्लिम अधिकारियों की भीड उनके इर्द गिर्द थी. उन्होंने डोम ऑफ द रॉक में प्रवेश करने से पूर्व अपने जूते उतारे. इसके बाद वह अल अक्सा मस्जिद गए. इस परिसर को मुस्लिम समुदाय में हरम अल शरीफ या नोबल सेंचुरी के नाम से भी जाना जाता है और यहूदी इसे टेम्पल माउंट के नाम से जानते हैं.
