बैंकॉक: थाईलैंड में छह महीने के सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद सेना ने आज तख्तपलट करते हुए सत्ता पर नियंत्रण कर लिया तथा राजनीतिक सुधार एवं स्थिरता बहाल करने का संकल्प लिया. सेना प्रमुख प्रायुत चा ओचा ने टेलीविजन पर दिए संबोधन में कहा कि हिंसा को बढने से रोकने के लिए सेना का सत्ता पर नियंत्रण करना जरुरी था.
उन्होंने कहा, ‘‘देश को जल्द सामान्य स्थिति में लाने के क्रम में सेना, थाई सैन्य बल, रॉयल एयरफोर्स तथा पुलिस की राष्ट्रीय शांति रक्षक समिति को सत्ता पर 22 मई शाम 4:30 बजे नियंत्रण करने की जरुरत है.’’ जनरल प्रायुत ने थाईलैंड के लोगों से कहा कि वे शांति बरकरार रखें और कहा कि सरकारी अधिकारियों को सामान्य तौर पर काम करना चाहिए.
सेना ने उस स्थान की घेराबंदी कर दी जहां सेना प्रमुख के नेतृत्व में राजनीतिक विरोधियों के बीच दूसरे दौर की बातचीत हो रही थी. ऐसा लगता है कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि भीतर बातचीत कर रहा कोई भी व्यक्ति वहां से जा नहीं सके.तख्तापलट का यह चौंकाने वाला कदम सेना ने उस वक्त उठाया ,जब राजनीतिक विरोधियों के बीच कोई समझौता नहीं हो सका.
सेना प्रमुख ने कल संकट के समाधान को लेकर खुद मध्यस्थता करने का जिम्मा उठाया था ताकि थाईलैंड में संकट खत्म किया जा सके. तख्तापलट से दो दिन पहले थाई सेना ने कानून व्यवस्था बरकरार रखने के लिए मार्शल लॉ का ऐलान किया था.
