टेक्सास : अदालत ने अंतिम समय में सजा-ए मौत पर रोक लगायी

वाशिंगटन : टेक्सास की एक अपीली अदालत ने घातक इंजेक्शन के माध्यम से एक हत्यारे को दी जाने वाली मौत की सजा पर अंतिम समय में रोक लगा दी. कष्टदायक घातक इंजेक्शन से मौत की सजा देने को लेकर देश में शुरु हुई बहस के बाद दोषी इस तरह सजाए मौत पाने वाला पहला अमेरिकी […]

वाशिंगटन : टेक्सास की एक अपीली अदालत ने घातक इंजेक्शन के माध्यम से एक हत्यारे को दी जाने वाली मौत की सजा पर अंतिम समय में रोक लगा दी. कष्टदायक घातक इंजेक्शन से मौत की सजा देने को लेकर देश में शुरु हुई बहस के बाद दोषी इस तरह सजाए मौत पाने वाला पहला अमेरिकी कैदी होता.

रॉबर्ट जेम्स कैंपबेल को कल सजा दी जानी थी लेकिन इससे कुछ ही घंटे पहले अपीली अदालत के न्यायाधीशों ने दोषी के मानसिक रुप से अशक्त होने को लेकर सजा पर और विचार करने की जरुरत बतायी.

कैंपबेल को 1991 में एलेक्जेंड्रा रेंडन की हत्या करने के लिए दोषी करार दिया गया था. कैंपबेल इससे कुछ ही दिनों पहले 18 साल का हुआ था. अदालत के दस्तावेजों के अनुसार उसने वह और उसके एक दोस्त ने रेंडन को एक गैस स्टेशन से उठाया और एक दूरदराज के इलाके में ले गए जहां कैंपबेल ने रेंडन को गोली मार दी.

इससे पहले 29 अप्रैल को हत्या एवं बलात्कार के दोषी क्लेटन लॉकेट को घातक इंजेक्शन के माध्यम से सजाए मौत की प्रक्रिया शुरु की गयी थी. ओकलाहामा में घातक इंजेक्शन दिए जाने की प्रक्रिया के शुरु होने के बाद करीब 43 मिनट में लॉकेट मारा गया जबकि इस प्रक्रिया में 10 मिनट से कुछ समय अधिक लगना चाहिए था.

घातक इंजेक्शन दिए जाने के दौरान लॉकेट के नसों ने काम करना बंद कर दिया जिससे जेल अधिकारियों को प्रक्रिया बीच में ही रोकनी पडी. कहा जा रहा है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान लॉकेट को बहुत दर्द हुआ और वह दिल का दौरा पडने से मारा गया.

कैंपबेल को भी घातक इंजेक्शन देकर मारा जाना था लेकिन उसने लॉकेट को हुए कष्ट का हवाला देकर इस तरह खुद को दी जाने वाली मौत की सजा पर स्थगन लगाने की अपील की.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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