रियो डी जनेरियो : ब्राजील के राष्ट्रपति दिलमा राउसेफ ने कहा है कि उनकी सरकार विश्व कप के दौरान लोगों के प्रदर्शन करने के अधिकार को स्वीकार करती है लेकिन उन्होंने चेतावनी दी है कि हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
टूर्नामेंट शुरु होने में अब 30 दिनों से भी कम का समय रह गया है और बस चालकों की हडताल के बीच संचालन कर रही बसों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सैन्य पुलिस को रियो की सडकों पर तैनात किया गया है. नाराज चालकों ने अभी तक 74 बसों में तोडफोड की है.
बस हडताल से पहले रियो और अन्य शहरों में पुलिस सहित कई सार्वजनिक सेवाओं के कर्मी हडताल कर चुके हैं. लोग टूर्नामेंट के विशाल बजट से नाराज हैं और विश्व कप के दौरान जनविरोध का खतरा सर पर है.
पिछले साल कंफेडरेशन कप के दौरान भारी विरोध प्रदर्शन हुआ था, जिसमें से कुछ हिंसक हो गये थे. उत्तरी शहर केरा में कल राउसेफ ने कल कहा जो कोई प्रदर्शन करना चाहता है कर सकता है लेकिन विश्व कप को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं. ब्राजील एक लोकतांत्रिक देश है…लेकिन लोकतंत्र बर्बरता को नहीं दर्शाता या देश को नुकसान नहीं पहुंचाता है.
