बेरुत : न्यूयार्क स्थित मानवाधिकार निगरानी संस्था (एचआरडब्ल्यू) ने आज कहा कि उसके पास इस बात के ठोस सबूत हैं कि सीरियाई सेना ने गत महीने विद्रोहियों के कब्जे वाले तीन नगरों पर क्लोरीन गैस का इस्तेमाल किया था. एचआरडब्ल्यू की ओर से जारी यह बयान इस चिंता को बढाता है कि सीरिया में रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल अभी भी किया जा रहा है. यह दावा गत अगस्त में हुए रासायनिक हमले में सैकडों लोगों के मारे जाने के कुछ महीने बाद किया गया है.
रासायनिक हथियार संबंधी संधि के क्रियान्वयन की निगरानी करने वाले ‘द आर्गेनाइजेशन फार द प्रोहिबिशन आफ केमिकल वेपन्स’ ने अप्रैल में कहा था कि वह क्लोरीन संबंधी दावों की जांच करेगा लेकिन उसने अभी तक इस संबंध कोई टिप्पणी नहीं की है. एचआरडब्ल्यू ने आज जारी एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति बशर असद समर्थक बलों ने मध्य अप्रैल में उत्तर सीरिया में सैन्य ठिकाने के पास तीन नगरों पर ऐसे बमों से हमला किया था जिसमें क्लोरीन गैस भरी हुई थी. उन हमलों में कम से कम 11 लोग मारे गए और 500 से अधिक घायल हो गए. एचआरडब्ल्यू ने यह बात 10 प्रत्यक्षदशियों से साक्षात्कार, वीडियो फुटेज और तस्वीरों के आधार पर जारी अपनी रिपोर्ट में कही.
