मोंसांतो को चुनौती देने वाले वैज्ञानिक की मृत्यु

ब्यूनस आयर्स : कीटनाशक नियामकों को विश्व के सवार्धिक प्रयोग किए जाने वाले खरपतवार नाशक के पुनर्परीक्षण के लिए चुनौती देने वाले अर्जेंटीना के तंत्रिका रोग विशेषज्ञ डॉ. आंद्रेस कैरास्को का निधन हो गया. वह 67 वर्ष के थे. अर्जेंटीना के राष्ट्रीय विज्ञान परिषद ने कल कैरास्को की मृत्यु की घोषणा की. कैरास्को का स्वास्थ्य […]

ब्यूनस आयर्स : कीटनाशक नियामकों को विश्व के सवार्धिक प्रयोग किए जाने वाले खरपतवार नाशक के पुनर्परीक्षण के लिए चुनौती देने वाले अर्जेंटीना के तंत्रिका रोग विशेषज्ञ डॉ. आंद्रेस कैरास्को का निधन हो गया. वह 67 वर्ष के थे.

अर्जेंटीना के राष्ट्रीय विज्ञान परिषद ने कल कैरास्को की मृत्यु की घोषणा की. कैरास्को का स्वास्थ्य लगातार गिरता जा रहा था. कैरास्को यूनिवर्सिटी ऑफ ब्यूनस आयर्स में आण्विक जीवविज्ञानी थे और अर्जेंटीना के कॉनिसेट विज्ञान परिषद के पूर्व अध्यक्ष भी थे. भ्रूण विकास को लेकर उन्होंने काफी कुछ लिखा था. उनका कार्य इस बात पर केंद्रित था कि किस तरह से कशेरुकी जीवों में न्यूरोट्रांसमीटर आनुवंशिक क्रियाओं को प्रभावित करता है. बाद में उनका काम अमेरिका की मोनसांतो कंपनी के लिए बडी चुनौती बनकर उभरा था.

मोनसांतो के राउंडअप ब्रांड वाले कीटनाशकों में ग्लिफोसाते प्रमुख तत्व था. इसे दुनिया भर में औद्योगिक कृषि को बढावा देने के लिए आनुवंशिक रुप से परिष्कृत ‘‘राउंडअप-रेडी’’ पादपों के साथ मिलाकर बनाया गया था. ‘अमेरिकी पर्यावरण सुरक्षा एजेंसी’ और अन्य नियामकों ने इसे सुरक्षित करार दिया था.

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