ओसामा का पता लगाने में मदद करने वाले डॉक्टर के वकील ने मुकदमा छोडा

पेशावर : आतंकवादी संगठन अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन का पता लगाने में मदद करने वाले पाकिस्तानी डॉक्टर शकील अफरीदी के वकील ने मुकदमा छोडते हुए आज कहा कि उनके जीवन को खतरा है और डॉक्टर की रिहाई के लिए अमेरिका अप्रत्यक्ष रुप से हस्तक्षेप कर रहा है. सुनवायी के दौरान वकील समीउल्ला अफरीदी ने […]

पेशावर : आतंकवादी संगठन अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन का पता लगाने में मदद करने वाले पाकिस्तानी डॉक्टर शकील अफरीदी के वकील ने मुकदमा छोडते हुए आज कहा कि उनके जीवन को खतरा है और डॉक्टर की रिहाई के लिए अमेरिका अप्रत्यक्ष रुप से हस्तक्षेप कर रहा है. सुनवायी के दौरान वकील समीउल्ला अफरीदी ने कहा कि वह अदालत में मुकदमा लड रहे हैं लेकिन अमेरिका की ओर से बेजा दबाव अदालती प्रक्रिया में अप्रत्यक्ष हस्तक्षेप है और उनके मुकदमा छोडने के पीछे सबसे महत्वपूर्ण कारण भी.

‘डॉन न्यूज’ के अनुसार, वकील का कहना है, ‘‘डॉक्टर शकील अफरीदी की न्यायेत्तर रिहाई के लिए पाकिस्तान सरकार पर अमेरिका द्वारा डाला जा रहा दबाव पाकिस्तानी अदालतों को प्रभावित कर रहा है, हालांकि मैं फ्रंटियर क्राइम्स रेगुलेशन (एफसीआर) कानूनों को मानवीय नहीं मानता और हम उनमें संशोधन के लिए लड रहे हैं, लेकिन फिर भी मामले का फैसला अदालत पर छोड देना चाहिए.’’ समीउल्ला ने कहा कि उन्होंने मानवीय आधार पर अफरीदी का मुकदमा लडना स्व्ीकार किया था लेकिन तभी से उन्हें और उनके परिवार को कई ओर से धमकियां मिल रही हैं, इसलिए इसे जारी रखना उनके लिए संभव नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘‘यह धमकियां वास्तविक हैं, और करीब दो साल से मिल रही थीं लेकिन पिछले कुछ दिन मेरे और परिवार के लिए बहुत मुश्किल भरे रहे हैं. इसलिए छोडने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है.’’ अफरीदी को 33 वर्ष कारावास की सजा सुनायी गयी है और 3,20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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